शेयर बाजार: 1 दिन में निवेशकों के 3.5 लाख करोड़ रुपये डूबे | NATIONAL NEWS

21 September 2018

नई दिल्ली। हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार के लिए ठीक नहीं रहा। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में हुई जबरदस्त बिकवाली की वजह से जहां सेंसेक्स 37,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे लुढ़क गया। वहीं निफ्टी फिसलते हुए 11,150 के स्तर पर आ गया। इस दौरान निवेशकों को 3.5 लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। हालांकि आखिरी घंटों में बाजार में अच्छी रिकवरी आई और बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 279.62 अंक की गिरावट के साथ 36,841.60 पर बंद हुआ। 

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट यस बैंक के काउंटर पर रही। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यस बैंक का शेयर 28.71 फीसद के भारी नुकसान के साथ 227.05 रुपये पर बंद हुआ। यस बैंक का शेयर आज 52 हफ्तों के निचले स्तर पर बंद हुआ। यस बैंक के अलावा कोटक बैंक, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक के काउंटर भी लाल निशान में बंद हुए।

बैंकिंग शेयरों के अलावा सबसे ज्यादा नुकसान हाउसिंग फाइनेंस की कंपनियों के शेयरों में हुआ। सर्वाधिक नुकसान दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन के शेयरों में हुआ। कंपनी का शेयर 42.43 फीसद की नुकसान के साथ 259.05 रुपये टूटकर 351.55 रुपये पर बंद हुआ। बीएसई का फाइनेंसिंग इंडेक्स 2.5 फीसद की गिरावट के साथ 146.78 अंक टूटकर 5699.10 पर बंद हुआ।

क्यों आई अचानक गिरावट
कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च हेड डॉ रवि सिंह का मानना है कि शेयर बाजार में इस गिरावट के दो मुख्य कारण रहे। पहला कारण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से यस बैंक के सीईओ राणा कपूर के कार्यकाल में की गई कटौती रही। आरबीआई के इस फैसले की वजह से बैंक के शेयर्स में भारी मुनाफावसूली हुई। शुरुआती कारोबार में ही येस बैंक के शेयर्स में ही करीब 34 फीसद तक की गिरावट दर्ज की गई है। यस बैंक के शेयरों की पिटाई की वजह से बैंकिंग सेक्टर दबाव में नजर आया और अन्य काउंटर पर भारी मुनाफावसूली शुरू हो गई।

दूसरा बड़ा कारण बाजार में DHFL की रिपेंमेंट में डिफॉल्ट की खबर रही। इस खबर ने हाउसिंग फाइनेंस में अन्य डिफॉल्ट की आशंका को बल दिया। हालांकि कंपनी मैनेजमेंट ने मीडिया को समझाने की कोशिश की है कि डिफॉल्ट जैसी कोई स्थिति नहीं है लेकिन फिलहाल निवेशकों में सतर्कता की स्थिति नजर आ रही है। मैनेजमेंट की ओर से दिये बयान के बाद बाजार में रिकवरी जरूर देखने को मिली है। लेकिन अब भी निवेशकों के बीच हाउसिंग सेक्टर और फाइनेंशियल सेक्टर को लेकर डर दिखाई दे रहा है। DHFL का शेयर करीब 45 फीसद तक टूटा है।

उन्होंने कहा कि आज की गिरावट ''ब्लैक फ्राइडे'' करार दिया जा सकता है। हाउसिंग सेक्टर के शेयर्स में गिरावट को देखते हुए इसे पैनिक सेलिंग भी कहा जा सकता है। हालांकि कंपनियों के स्पष्टीकरण के बाद बाजार में रिकवरी की स्थिति देखने को मिली है।
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