GWALIOR: शर्मा क्लीनिक में इंजेक्शन लगाते ही बच्चे की मौत, हंगामा, चक्काजाम

02 August 2018

ग्वालियर: शहर में एक फर्जी डॉक्टर के क्लीनिक में इलाज के दौरान बुधवार को एक मरीज की मौत हो गई। आरएमपी डिग्रीधारी डॉक्टर ने तेज बुखार की शिकायत लेकर आए 14 वर्षीय किशोर को खुद इंजेक्शन लगाया और ड्रिप चढ़ाई। आधा घंटे के अंदर ही क्लीनिक में किशोर की तबीयत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। मौत से नाराज परिजनों ने क्लीनिक में तोड़फोड़ कर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए चक्काजाम किया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में क्लीनिक चलाने वाले महेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। 

सत्यनारायण का मोहल्ला घासमंडी निवासी स्व. नाहर सिंह यादव के पुत्र विक्की यादव को बुधवार की सुबह तेज बुखार आ गया। उसके बाबा अमर सिंह उसे दोपहर करीब 12 बजे मोहल्ले में ही शर्मा क्लीनिक पर ले गए। यहां खुद को डॉक्टर बताने वाले महेश शर्मा ने उसकी जांच की। ग्लूकोज की दो बोतल चढ़ाकर दो इंजेक्शन भी लगा दिए। इंजेक्शन लगने के बाद विक्की की हालत अचानक बिगड़ गई। अमरसिंह के मुताबिक वे तत्काल विक्की को लेकर अपोलो हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विक्की की मौत के बाद गुस्साए परिजन वापस शर्मा क्लीनिक पर पहुंचे। यहां महेश शर्मा अपने बेटे बिट्‌टू के साथ मौजूद थे। भीड़ देखकर पिता-पुत्र भागने लगे। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बिट्‌टू ने बंदूक दिखाकर लोगों को डराने की कोशिश की। इससे लोग भड़क गए। लोगों ने पहले क्लीनिक के बाहर आैर बाद में किलागेट चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम किया। कांग्रेस नेता सुनील शर्मा सहित चक्काजाम कर रहे लोगों ने मांग की कि महेश शर्मा पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। सिकंदर यादव ने आरोप लगाया कि इस फर्जी डॉक्टर के गलत इलाज से अब तक 7-8 लोग मर चुके हैं।

एक साल पहले भी यहां हुई थी मरीज की मौत:महेश शर्मा के क्लीनिक पर इस तरह की मौत का एक साल में यह दूसरा मामला है। इससे पहले 12 जुलाई 2017 को परशुराम उर्फ कल्लू गिरि नामक युवक की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि बीमार कल्लू को तेजी से ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई थी। डॉक्टरों के अनुसार ग्लूकाेज चढ़ाते समय उसका ब्लडप्रेशर अधिक रहा होगा। संभवत: इसी कारण से उसकी मौत हुई। इस हादसे के सवा महीने बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद खुली और तत्कालीन सीएमएचओ डा. एसएस जादौन ने बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे शर्मा क्लीनिक पर छापा मारा। लेकिन तब तक वह बोर्ड हटाने के साथ ही पूरा सामान समेटकर गायब हो गया। इसके बाद उसने कुछ दिन क्लीनिक बंद रखी, फिर डॉ. एलएस राजपूत के नाम से क्लीनिक खोल ली।

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