एक समय था मैं दूसरों को मोटिवेट करता था, अब सुसाइड कर रहा हूं | BHOPAL NEWS

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एक समय था मैं दूसरों को मोटिवेट करता था, अब सुसाइड कर रहा हूं | BHOPAL NEWS

भोपाल। एक युवक जो उत्साह से लबरेज था। दूसरों को मोटिवेट किया करता था। अपनी जिंदगी से इतना तंग हुआ कि सुसाइड करने निकल पड़ा। उसने अपने दोस्तों को भेजे सुसाइड नोट में सारी कहानी लिखी। वो भोपाल के बड़े तालाब में कूदने वाला था। दोस्त तत्काल एक्टिव हुए और इसके चलते युवक को सुसाइड से पहले ही रोक लिया गया। 

व्हॉट्सएप पर दोस्तों को भेजा सुसाइड नोट
बजरिया क्षेत्र में रहने वाला 37 वर्षीय युवक एक ऑटो मोबाइल कंपनी में काम करता है। गुरुवार सुबह वह खुदकुशी करने के इरादे से घर से चल पड़ा। इसके पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखकर अपने दोस्तों के व्हॉट्सएप ग्रुप पर डाल दिया। इसके बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। सुसाइड नोट पढ़कर उसके दोस्त सरगर्मी से युवक की तलाश में जुट गए। उन्होंने घटना की जानकारी मीडिया तक पहुंचा दी।

व्हॉट्सएप के कारण ही बचाया जा सका
आनन-फानन में मामला पुलिस तक जा पहुंचा। इस बात की जानकारी वीआईपी रोड पर गश्त कर रहे तलैया थाने के आरक्षक नेपालसिंह तक पहुंची। वह भी वीआईपी रोड किनारे निगरानी रखने लगे। सुबह करीब 10.30 बजे उनकी नजर राजा भोज की प्रतिमा के पास मायूस खड़े युवक पर पड़ी। पास पहुंचकर नेपाल सिंह ने उसका नाम पता पूछा। नाम-पते की तस्दीक होते ही भरोसे में लेकर वह उसे तलैया थाने ले गए और उसके परिजनों और दोस्तों को सूचना दी। वहां समझाइश देने पर उसने अब कभी इस तरह का कदम न उठाने का भरोसा दिलाया और परिजनों के साथ घर के लिए रवाना हो गया। इससे दोस्तों ने सिपाही के काम की सराहना करते हुए राहत की सांस ली।

पत्नी के फेसबुक और व्हॉट्सएप प्रेम से परेशान है युवक
मेरी वाइफ फेसबुक और व्हॉट्सएप में बिजी रहती है। मेरे बुजुर्ग मां-बाप बहू के सनकीपन से परेशान हैं। मैं आज जिंदगी की लड़ाई हार गया हूं। एक समय था मैं दूसरों को मोटिवेट करता था। आज मैं पारिवारिक झगड़ों से परेशान हो गया हूं। मेरी वाइफ से विवाद के कारण मैं बहुत तनाव में हूं। वो बहुत जिद्दी है और हमेशा अपनी मनमानी करती है। सास-ससुर भी समझाने के बजाय बेटी का साथ देते हैं। मैं परेशान होकर कई बार थाने गया, तो बोला गया कि महिला के खिलाफ कोई एफआइआर नहीं होती है। घर के लड़ाई-झगड़ों से मेरा मासूम बेटा भी तनाव में रहता है। मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। भैया, मम्मी-पापा का ख्याल रखना। हो सके तो मुझे माफ कर देना।
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