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SOCIAL MEDIA: अफवाह और भड़काऊ बातें शेयर करने वाले 7 करोड़ अकाउंट बंद

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर भड़काऊ बातें या अफवाह शेयर करना अब आसान नहीं रहा। केवल एक शिकायत पर आपका अकाउंट हमेशा के लिए बंद हो सकता है। ट्विटर ने अब तक इसी तरह के 7 करोड़ खातों को बंद कर दिया है। यह अभियान फेसबुक में भी लगातार जारी है और अब ऐसे मोबाइल नंबरों पर वाट्सएप भी बंद किए जाने पर विचार किया जा रहा है जो समाज में भड़काऊ बातें या अफवाह फैला रहे हैं। इतना ही नहीं अब हर खाते की पहचान की जा रही है और उसका श्रेणीकरण किया जा रहा है। ऐसे लोग जो केवल देखते हैं, ऐसे लोग जो केवल ट्रोल करते हैं, ऐसे लोग जो भड़काते हैं और ऐसे लोग जो झूठी अफवाहें फैलाते हैं। 

ट्रोल करने वाले खातों को भी बंद किया जा रहा है
ट्विटर ने बताया कि कंपनी ने मई और जून में विशेष मुहिम छेड़कर ऐसे खातों की पहचान की जिन्हें ट्रोल और अफवाह फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। दूसरे देशों से कंट्रोल किए जा रहे फर्जी खातों पर निगरानी नहीं रख पाने की वजह से अमेरिकी संसद कांग्रेस ने ट्विटर की निंदा की थी। उसने कहा था कि अफवाह फैलाने वाले इन अकाउंट की वजह से अमेरिका की राजनीति प्रभावित हो सकती है। ट्विटर के सूत्रों के मुताबिक, खाते बंद करने की दर अक्टूबर की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। पिछले कुछ महीनों के दौरान एक दिन में 10-10 लाख खाते बंद किए गए हैं।

भारत में ट्रोल अकाउंट के मामले सबसे ज्यादा
भारत में भी ट्विटर पर सबसे ज्यादा ट्रोल के मामले सामने आते हैं। कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी और उनकी बेटी को फर्जी ट्विटर अकाउंट से धमकी दी गई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी ट्रोल किया गया था। भारत में ट्विटर के 3.04 करोड़ यूजर हैं। 2019 तक इनकी संख्या 3.44 करोड़ पहुंचने का अनुमान है।

पिछले महीने ट्विटर ने बदली थी पॉलिसी
अपने प्लेटफॉर्म पर नफरत और हिंसा फैलाने वाली पोस्ट से निपटने के लिए ट्विटर ने पिछले महीने पॉलिसी में बदलाव किए थे। इसके लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का ऐलान किया था। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट डेल हार्वे ने कहा, "ये सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्विटर के जरिए लोगों को विश्वसनीय, प्रासंगिक और उच्च गुणवत्ता वाली सूचनाएं मिल सकें।" संदिग्ध खातों पर ट्विटर की इस कार्रवाई का असर इसके यूजर की संख्या पर पड़ सकता है। अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़े आना बाकी है जिसमें यूजर की संख्या घट सकती है।
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