ना जांच, ना सुनवाई: अधिकारी ने हाथ जोड़े और केस क्लोज | HOSHANGABAD MP NEWS

Updesh Awasthee
होशंगाबाद। क्या यह न्यायोचित होगा कि एक अधिकारी का घोटाला सामने आ जाने के बाद उसे केवल इसलिए माफ कर दिया जाए क्योंकि वो आपके सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था। यहां ऐसा ही कुछ हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा और जिले के प्रभारी मंत्री जालमसिंह पटेल ने रेशम केन्द्र अधिकारी एके पटेल को इसलिए माफ कर दिया क्योंकि अधिकारी उनके सामने हाथ जोड़कर निवेदन करने लगा। जबकि पीड़ित महिलाओं ने सबके सामने हिम्मत करके अधिकारी की पोल खोल दी थी। इस मामले में तत्काल जांच के आदेश दिए जाने थे परंतु ऐसा नहीं किया गया। 

शनिवार को रेशम केन्द्र के निरीक्षण के दौरान केन्द्र अधिकारी एके पटेल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा और जिले के प्रभारी मंत्री जालमसिंह पटेल को बताया कि महिला कारीगरों को 6000 रुपए प्रतिमाह दिया जा रहा है। यह सुनते ही महिला कारीगर ज्ञानवती और रजनी वर्मा ने विस अध्यक्ष, प्रभारी मंत्री को बताया कि वे पिछले 20 साल से काम कर रही हैं। उन्हें हर महीने सिर्फ 3000 रुपए दिए जा रहे हैं। चार साल से रेशम के रेट नहीं बढ़े हैं। 300 रुपए के हिसाब से कुकून के धागे के लिए मिलते हैं। अधिकारियों को परेशानी बताओ तो समाधान कुछ करते नहीं है। कुकून में कई बार फफूंद भी लग जाती है। तीन माह से कोई बड़ा आर्डर भी नहीं मिला है। 

रेशम केंद्र अधिकारी के खिलाफ यह एक बड़ा बयान था। घोटाले का खुलासा हो रहा था। महिलाओं के शोषण का मामला था। महिलाओं ने अपनी रोजी रोटी दांव पर लगाकर बयान दिया था। विस अध्यक्ष और प्रभारी मंत्री ने इस मामले में तत्काल गंभीरता भी दिखाई लेकिन जब पोल खुल गई तो केन्द्र अधिकारी ने हाथ जोड़ लिए। केन्द्र अधिकारी पटेल ने उनके पैर छूकर माफी मांगी। बस इसी के साथ दोनों जिम्मेदार न्यायाधीश बन गए। अधिकारी को माफ करके चले गए। ना कोई जांच, ना कार्रवाई। उन महिलाओं का रोजगार जरूर संकट में आ गया जिन्होंने न्याय की प्रत्याशा में दोनों माननीयों के सामने शिकायतें कीं। 
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!