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सरकारी कर्मचारी: प्रमोशन में आरक्षण के लिए मेमोरेंडम जारी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर केंद्र सरकार ने अपने सभी विभागों व राज्य सरकारों को एससी-एसटी के लिए प्रमोशन में आरक्षण लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने मंत्रालयों, विभागों को कहा है कि सर्वोच्च अदालत के फैसलों के अनुरुप प्रोन्नति की अनमति मंत्रालयों व विभागों को दे दी है। राज्य सरकारों को सलाह दी गई है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मद्देनजर विभागों में लंबित प्रमोशन के लिए कदम उठाएं। गौरतलब है कि पांच जून को सुप्रीम कोर्ट सरकारी विभागों में प्रमोशन के मसले पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार कानूनी तरीके से प्रमोशन करने के लिए स्वतंत्र है। इस पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है। हालांकि अदालत ने इसे अपने अगले आदेश पर निर्भर बताया था।

सर्वोच्च अदालत ने दी थी राहत
गौरतलब है कि कई न्यायिक फैसलों के चलते प्रमोशन में आरक्षण को लेकर रोक लग गई थी। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था कि प्रमोशन में आरक्षण को लेकर जितनी भी याचिकाएं और केंद्र सरकार की विशेष अनुमति याचिका लंबित हैं, उनका प्रमोशन नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ये प्रमोशन रिजर्वेशन कैटेगरी के पदों पर आरक्षण, जनरल कैटेगरी वाले पदों पर जनरल, मेरिट वाले पदों पर मेरिट के आधार पर होते रहेंगे।

डीओपीटी ने नया आदेश निकाला
नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर विभिन्न हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण कार्मिक विभाग (डीओपीटी) ने 30 सितंबर 2016 को एक आदेश निकालकर सभी तरह की पदोन्नति पर रोक लगा दी थी, तब से प्रमोशन को लेकर परेशान कर्मचारी इधर से उधर भटक रहे हैं। अब कार्मिक विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कानूनी राय लेने के बाद नए निर्देश जारी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का अगला आदेश
कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रोन्नति के जो भी आदेश जारी किए जाएं उनमें इस बात का भी उल्लेख किया जाए कि प्रोन्नति सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर करेगी। दरअसल, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अभी चल रहा है जिस पर संविधान पीठ का फैसला आना है।
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