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अध्यापकों ने शिवराज सरकार को दिखाई ताकत, मांगा शिक्षा विभाग

भोपाल। अध्यापकों को गुटों में बांट चुकी शिवराज सिंह सरकार आश्वस्त थी कि 24 दिसम्बर को 'अध्यापक आंदोलन मध्यप्रदेश' पूरी तरह से फ्लॉप साबित होगा परंतु ऐसा नहीं हुआ। चिलचिलाती गर्मी और भारी बारिश की संभावनाओं के बीच हजारों अध्यापक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इकट्ठा हुए एवं सरकार को अपनी एकता दिखाते हुए शिक्षा विभाग की मांग की। सोमवार से राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव अपने साथियों के साथ आमरण अनशन पर बैठने वाले हैं। 

शिवराज सिंह ने किया था ऐलान

बता दें कि मध्यप्रदेश के अध्यापक शिवराज सिह की वादाखिलाफी से नाराज हैं। सीएम शिवराज सिंह ने अध्यापकों को वादा किया था कि अब कोई भी अध्यापक नहीं रहेगा। नए शिक्षा सत्र में सभी अध्यापक, शिक्षक कहलाएंगे और शिक्षा विभाग के कर्मचारी माने जाएंगे। 

कैबिनेट में मुकर गए शिवराज सिंह

इसके बाद कैबिनेट मीटिंग में एक नए संवर्ग के गठन को मंजूरी दे दी गई। अध्यापक इसी के खिलाफ एकजुट हुए हैं। उनका कहना है कि सभी अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाए और दिग्विजय सिंह सरकार द्वारा मृत घोषित कर दिए गए शिक्षक कैडर को पुनर्जीवित कर उन्हे पदस्थ किया जाए।
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