भारत में 33% नाबालिग लड़कियां यौन उत्पीड़न से चिंतित: सर्वे रिपोर्ट

17 May 2018

नई दिल्ली। एक नए अध्ययन के अनुसार भारत में हर तीन में से एक किशोरी सार्वजनिक स्थानों पर यौन उत्पीड़न को लेकर चिंतित रहती है जबकि पांच में से एक किशोरी बलात्कार सहित अन्य शारीरिक हमलों को लेकर डर के साए में जीती है। यह सर्वेक्षण गैर सरकारी संगठन 'सेव दि चिल्ड्रेन' द्वारा कराया गया है। ये आंकड़े 'विंग्स 2018: वर्ल्ड ऑफ इंडियाज गर्ल्स' नामक सर्वेक्षण में जुटाए गए हैं और यह सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर धारणा पर आधारित है। 

पेरेंट्स को बताओ तो पाबंदियां लगा देते हैं

रिपोर्ट के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की दो तिहाई लड़कियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न की स्थिति में अपनी मां पर भरोसा करेंगी। पांच में से करीब दो लड़कियों ने कहा कि अगर उनके अभिभावकों को सार्वजनिक स्थल पर उत्पीड़न की किसी घटना का पता चलेगा तो वे उनके घर से बाहर निकलने पर रोक टोक करेंगे। 

देश के 6 राज्यों में किया गया सर्वे

इस अध्ययन में करीब 4000 किशोर और किशोरियों तथा उनके 800 अभिभावकों को शामिल किया गया। यह सर्वेक्षण छह राज्यों के 30 शहरों और 84 गांवों में कराया गया। सर्वेक्षण में दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, असम और मध्य प्रदेश को शामिल किया गया। 

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