BBA मामला: विपणन संघ गलती सुधारने को तैयार नहीं, रद्द हो सकती है भर्ती परीक्षा | MPPEB NEWS

04 April 2018

PEB NEWSभोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल द्वारा विपणन उप प्रबंधक और सहायक प्रबंधक जैसे व्यावसायिक प्रबंधन के रिक्त पदों के लिए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता एमबीए मांगी गई है परंतु यदि उम्मीदवार ने बीबीए के बाद एमबीए किया है तो वह अप्लाई नहीं कर पा रहा, क्योंकि मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन को डिग्री ही नहीं माना। अब उम्मीदवार हाईकोर्ट में इसे चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो परीक्षा पर रोक भी लग सकती है। (पढ़ें: MPPEB का नया तुर्रा: BBA को डिग्री ही नहीं मानता)

BBA डिग्री होल्डर्स नहीं करा पा रहे अप्लाई
परीक्षा के नोटिफिकेशन में कला, विज्ञान, कृषि, वाणिज्य और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को आवेदन के लिए पात्र माना है। इसके अलावा पोस्ट ग्रेजुएट के रूप में एमबीए और पीजीडीबीएम को भी पात्र माना गया है, लेकिन व्यावसायिक प्रबंधन की स्नातक डिग्री बीबीए इसमें शामिल नहीं है। ऑनलाइन आवेदन फॉर्मेट में बीबीए डिग्री का ऑप्शन नहीं है, इस कारण ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने ग्रेजुएशन के तौर पर बीबीए डिग्री ले रखी है, वे आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।

CM HELPLINE में नहीं ली गई शिकायत
विपणन संघ की भर्ती परीक्षाओं में आवेदन से वंचित बीबीए पास उम्मीदवारों ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की। लेकिन सीएम हेल्पलाइन पर उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया गया। शिकायत नहीं लिए जाने का कारण बताया कि सहकारिता विभाग सीएम हेल्पलाइन की गाइडलाइन में शामिल विभागों में शामिल नहीं हैं, इसलिए सहकारी विपणन संघ से जुड़ी शिकायत दर्ज नहीं की जाती है।

9 अप्रैल आवेदन की अंतिम तारीख
भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 26 मार्च से भरे जा रहे हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 9 अप्रैल है। परिक्षा 5 व 6 मई को होगी। सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपए और अनुसुचित जाति/जनजाति और ओबीसी के लिए शुल्क 250 रुपए रखा गया है। सामान्य वर्ग को छोड़कर सभी आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए यात्राभत्ता का प्रावधान है।

बीबीए अवैध डिग्री नहीं है मान्यता देनी चाहिए
बीबीए पास स्टूडेंट विनय चौरसिया का कहना है कि जब सरकारी नौकरियों में बीबीए को ग्रेजुएशन माना ही नहीं जा रहा है तो क्यों प्रदेश की यूनिवर्सिटीज ने इस डिग्री को मान्यता दे रखी है। शासन को सेवा भर्ती नियमों में संशोधन कर हमें भी इस भर्ती में आवेदन का मौका देना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जा सकता तो सरकार को बीबीए डिग्री बंद करा देना चाहिए।

PEB कुछ नहीं कर सकता, डिपार्टमेंट से पूछो
मप्र प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के प्रवक्ता प्रो. आलोक वर्मा के मुताबिक, पीईबी का काम सिर्फ परीक्षा कराना और रिजल्ट जारी करना है। किसी भी भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता और चयन के मापदंड संबंधित विभाग ही तय करता है। बीबीए को ग्रेजुएशन क्यों नहीं माना गया है, इस संबंध में विपणन संघ ही बता सकता है।

गलती हो गई तो हो गई, अब नहीं सुधारेंगे
मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के सचिव पीके सिद्धार्थ ने बताया कि शासन के सेवा नियम में जो अहर्ताएं तय हैं, उन्हीं के आधार पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसमें बीबीए-बीसीए जैसी ग्रेजुएशन डिग्री शामिल ही नहीं हैं। भर्ती की सभी तैयारी हो चुकी हैं, परीक्षा की रूल बुक एप्रूव्ड हो चुकी है, अब कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।

रद्द हो सकती है भर्ती परीक्षा
विपणन संघ के इस रवैये के बाद परीक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। उम्मीदवारों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में जाने की बात कही है। इस पद के लिए बीबीए के बाद एमबीए डिग्री प्राप्त उम्मीदवार सर्वदा उचित और योग्य है। ऐसी स्थिति में यदि डिपार्टमेंट अपनी गलती नहीं सुधारता और मामला हाईकोर्ट में जाता है तो इस परीक्षा को रद्द भी किया जा सकता है। 

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