मप्र के पेंशनर्स को मिलेंगे 200 करोड़, मामला 6वें वेतनमान के एरियर का | EMPLOYEE NEWS

Monday, February 19, 2018

वैभव श्रीधर/भोपाल। प्रदेश के लगभग तीन लाख से ज्यादा पेंशनरों को छठवें वेतनमान का एरियर मिलने की उम्मीद जाग गई है। दरअसल, पेंशनरों को एरियर्स का भुगतान नहीं करने के मामले में राजस्थान सरकार हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में हार चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को एक पेंशनर एचपी उरमलिया ने मप्र हाईकोर्ट में चल रही याचिका में लगा दिया है। प्रकरण की सुनवाई फरवरी अंत या मार्च के पहले सप्ताह में हो सकती है। यदि पेंशनरों के हक में फैसला होता है तो सरकार को 32 माह का एरियर यानी करीब 200 करोड़ रुपए पेंशनरों को अदा करने होंगे। उधर, जुलाई 2017 से एक प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का मामला भी अटका हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार पेंशनरों को छठवें वेतनमान का एरियर देने के लिए तैयार नहीं है। पेंशनर्स एसोसिएशन को सरकार की ओर से दो बार (7 दिसंबर 2016 और 22 फरवरी 2017) लिखकर भी दिया जा चुका है कि हम एरियर देने की स्थिति में नहीं है। ऐसा ही कुछ राजस्थान सरकार ने भी किया था। इसके खिलाफ पेंशनर्स राजस्थान हाईकोर्ट गए, जहां से उनके हक में फैसला हुआ।

इस फैसले के खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 1123/2015 अपील दायर की थी। एसोसिएशन के पदाधिकारी गणेशदत्त जोशी ने बताया कि कोर्ट ने पेंशनर्स के हक में फैसला सुनाया है। इसी आदेश को एचपी उरमलिया ने हाईकोर्ट जबलपुर में चल रही याचिका में लगाया है। सुनवाई इस माह के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी हाईकोर्ट शासन को पेंशनर्स का एरियर देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश दे चुकी है पर सरकार वित्तीय स्थिति का हवाला देकर पीछे हटती रही है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार साफ कर चुकी है कि यदि मध्यप्रदेश सरकार फैसला करती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। मालूम हो कि पेंशनर्स के मामले में राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत दोनों राज्यों के बीच सहमति होना जरूरी है।

लगभग 200 करोड़ रुपए लगेंगे

यदि छठवें वेतनमान का 32 माह का एरियर देने की नौबत आती है तो सरकार के खजाने पर करीब दो सौ करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आ सकता है। छठवां वेतनमान एक जनवरी 2006 को लागू किया गया था और इसका भुगतान अगस्त पेड सितंबर किया गया।

नहीं बढ़ाया तीन फीसदी डीए

प्रदेश सरकार ने पेंशनरों के लिए जुलाई 2017 से महंगाई भत्ता बढ़ाने के आदेश अभी तक नहीं निकाले हैं। पेंशनरों के डीए में तीन फीसदी का इजाफा होना है। इसे मिलाकर महंगाई भत्ता 139 प्रतिशत हो जाएगा। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डीए बढ़ाने को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति नहीं मिली है। सहमति मिलने के बाद ही आदेश निकाले जा सकेंगे।

एरियर नहीं तो सातवें वेतनमान का करेंगे विरोध

सरकार ने पेंशनरों को सातवां वेतनमान देने की तैयारी शुरू कर दी है। बजट में वित्त मंत्री जयंत मलैया इसकी घोषणा भी कर सकते हैं। हालांकि पेंशनर्स एसोसिएशन ने बैठक कर तय किया है कि यदि वेतनमान के साथ एरियर्स की घोषणा नहीं की गई तो विरोध किया जाएगा। संगठन के प्रांताध्यक्ष ओमप्रकाश बुधोलिया ने बताया कि यदि हमारी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन होगा। उधर, सरकार अभी तक न तो वेतनमान का फार्मूला तय कर पाई है और न ही एरियर को लेकर मन नहीं बना पाई है।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें

mgid

Loading...

Popular News This Week