भोपाल। NANDKUMAR SINGH CHOUHAN मध्यप्रदेश में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। CM SHIVRAJ SINGH की कृपा से ही इस कुर्सी पर हैं परंतु नगरीय निकाय चुनाव के परिणामों ने दोनों के बीच कुछ दूरियां पैदा कर दीं। पहली बार सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि संगठन कहां कमजोर रह गया। संगठन की क्या गलती थी कि 19 में से 10 नगरपालिकाएं हाथ से निकल गईं जबकि उन्होंने अपनी पूरी ताकत झौंक दी थी।
मंदसौर के दलोदा में भावांतर भुगतान योजना में किसान सम्मेलन को संबोधित करने आए मुख्यमंत्री ने भाषण के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान पार्टी प्रत्याशियों की कई जगह हुई हार में अपनी कमजोरी को खुलेआम माना। मुख्यमंत्री ने पार्टी की हार को खुले तौर पर स्वीकार करते हुए इसके लिए BJP में चल रही बगावत को दोषी मानते हुए सीएम ने साफ कहा कि धार, धरमपुरी और मनावर में बागी उम्मीदवारों की वजह से ही भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में खुद ठीक से ध्यान नहीं दे पाए। उन्होंने इस बात का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनके अलावा पार्टी के नेता यदि बागियों को यह चुनाव लड़ने से रोक सकते, तो शायद परिणाम पार्टी के हक में हो सकते थे।
यहां शिवराज सिंह ने सीधे सीधे नंदकुमार सिंह चौहान को निशाने पर ले लिया। उन्होंने स्वीकार कर लिया है कि संगठन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। बगावत बढ़ रही है, वो हावी होती जा रही है और हार का कारण बन रही है। कहना ही पड़ेगा कि नंदकुमार सिंह चौहान अपने संगठन को संभाल नहीं पा रहे हैं। वो केवल नोटिस जारी करने और निष्कासित कर देने के अलावा कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं।
