बीमा घोटाला: मृतकों का INSURANCE करा फिर मार देते थे | FINANCIAL CRIME NEWS

Saturday, January 27, 2018

काशीपुर/उत्तराखंड। पुलिस ने एक दर्जन ऐसे लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जो बिना बीमा के मर चुके लोगों को दस्तावेजों में जिंदा दिखाकर बीमा कराते थे और फिर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर क्लैम वसूल लेते थे। इस रैकेट में एक RTI कार्यकर्ता भी शामिल बताया गया है। मामले में गठित एसआईटी ने एक आरटीआई कार्यकर्ता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। एक आरोपी धोखाधड़ी के मामले में पहले से ही जेल में है। एसआईटी शेष आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

काशीपुर, जसपुर और कुंडा क्षेत्र में बिना बीमा के मर गए व्यक्तियों को जिंदा दर्शाकर उनका बीमा कराने के बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराकर बीमा राशि हड़पने वाला गिरोह सक्रिय है। इस संबंध में अभी तक जसपुर कोतवाली में छह, कुंडा थाने में दो और काशीपुर कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज हुए हैं। पिछले दिनों एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने सीओ राजेश भट्ट के निर्देशन में एसआईटी का गठन करते हुए में काशीपुर कोतवाल चंचल शर्मा, जसपुर कोतवाल अबुल कलाम और कुंडा थाना प्रभारी सुधीर कुमार के अलावा इन मुकदमों के विवेचकों को शामिल किया था।

जांच में पता लगा कि इस धंधे में बीमा कंपनियों के अधिकारियों, अभिकर्ताओं, नगर पालिका के लिपिकों आदि की भी भूमिका संदिग्ध है। विभिन्न मुकदमों की विवेचना के दौरान एक संगठित गिरोह की लिप्तता प्रकाश में आने पर पुलिस ने एक दर्जन लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया।

इन पर हुई गैंगस्टर की कार्रवाई
जसपुर के ग्राम नारायणनगर निवासी हरकेश उर्फ राकेश सैनी, ग्राम कल्याणपुर निवासी सुखदेव सिंह, ग्राम करनपुर निवासी ओंकारदीप सिंह, जसपुर के ग्राम मलपुरी निवासी सुंदर सिंह उर्फ गोल्डी, सिमरन सिंह, अवतार सिंह, सूबा सिंह, दीपक, अजय कुमार, पलविंदर सिंह, रेशम सिंह कुलदीप सिंह और हरकेश।

इन्हें भेजा जा चुका जेल
एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि मुकदमे की विवेचना कर रहे काशीपुर कोतवाल चंचल शर्मा ने ओंकारदीप, सुखदेव और सुंदर सिंह उर्फ गोल्डी को बुधवार रात को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, एक आरोपी हरकेश धोखाधड़ी के मामले में पहले ही जेल भेजा जा चुका है। टीम शेष आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।

ऐसे लगाया बीमा कंपनियों को करोड़ों का चूना लगाया
एसआईटी का नेतृत्व कर रहे सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि इस गिरोह की उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बीमा कंपनियों के अधिकारियों से साठगांठ होने की बात सामने आई है। गिरोह के सदस्यों की ओर से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को सरकारी सहायता दिलाने का झांसा देकर उनसे दस्तावेज आदि ले लिए जाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर वह बीमा कंपनियों के अधिकारियों और अभिकर्ताओं से साठगांठ कर उनका बीमा एवं फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर बीमा क्लेम करा लेते थे। रकम हड़पने के लिए आवेदनकर्ता के खाते का हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक भी ले लेते थे। इसी चेक के आधार पर वह बीमे से मिली राशि दूसरे खातों में हस्तांतरित करा देते थे। जांच में जसपुर के ग्राम मलपुरी निवासी सूबा सिंह के खाते में बीमा राशि के 1 करोड़ 27 लाख रुपये और उसकी पत्नी के खाते में 48 लाख रुपये की राशि पहुंची है। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों के खाते में भी बीमा क्लेम की राशि पहुंची है।

गिरफ्तारी पर स्टे से बेफिक्र था ओंकार
गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार हुए आरटीआई कार्यकर्ता ओंकारदीप सिंह ने बीमा राशि हड़पने के मामले में दर्ज मुकदमे में हाइकोर्ट से स्थगनादेश लिया था। कई मामलों में उसने आरटीआई के तहत पुलिस अधिकारियों से सूचना मांगी है। पुलिस काफी समय से उसकी गिरफ्तारी की फिराक में थी। बुधवार की शाम पुलिस ने उसे गैंगस्टर एक्ट में धर दबोचा। ओंकार के खिलाफ मृतक संजू की पत्नी कांति देवी ने कुंडा थाने में जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया है। इस मामले में भी ओंकार वांछित चल रहा था।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें

mgid

Loading...

Popular News This Week

 
Copyright © 2015 Bhopal Samachar
Distributed By My Blogger Themes | Design By Herdiansyah Hamzah