BALAGHAT में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष भूख हड़ताल पर | MP NEWS

Monday, January 29, 2018

सुधीर ताम्रकार/ वारासिवनी/बालाघाट। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिला अध्यक्ष एवं संगठन के सदस्यों ने प्रेसवार्ता लेकर नगर पालिका परिषद वारासिवनी द्वारा तीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानीयों के नाम से बनाये जा रहे प्रवेश द्वार के लिय शिलान्यास कार्यक्रति के प्रति विरोध स्वरूप भूख हडताल की चेतावनी दी जिसके बाद 28 जनवरी को जिलाध्यक्ष आनंद ताम्रकार ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संगठन के सदस्यों की उपस्थिति में दोपहर 12 बजे से भूख हडताल प्रांरभ कर दी है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने प्रेसवार्ता मे यह घोषणा की अगर नर पालिका द्वारा उक्त द्वार का शिलान्यास किया जाता है तो संगठन के जिलाध्यक्ष आंनद ताम्रकार अनिश्चितकाल तक भूख हडताल पर बैठेगें। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य जिसमें अतेन्द्र जैन (पूर्व पार्षद), देवाजी मराठे, चन्द्रकिशोर बुरडे, संजय जैन, सोनू जैन, परमानंद बोरकर, डॉ.विरेन्द्र जैन, आशीष रूसिया, कैलास कसार, प्रदीप जैन, दिनेश कलाईत, नदूं कलाईत, सतीष रूसिया, संदीप ताम्रकार, नरेन्द्र जैन सहित अनेक लोग उपस्थित रहें।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानीयों के उत्तराधिकारी ने प्रेस वार्ता में खुले रूप में की गई घोषणा तीनों सेनानीयों के नाम से प्रवेश द्वार बनाने के विरोध को लेकर 28 जनवरी से स्थानीय गांधी चौक वारासिवनी में भूख हडताल प्रांरभ कर दी। 

इस दौरान भूख हडताल पर बैठे आनंद ताम्रकार ने बताया की 22 जनवरी 2018 को अनुविगीय अधिकारी वारासिवनी, नगर पालिका अध्यक्ष वारासिवनी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी वारासिवनी, को पत्र द्वारा निवेदन किया गया थ कि तीन सेनानीयों के नाम से प्रवेश द्वार बनाने की बजाये केवल एक प्रवेश द्वार बनाये जाये जिसमें 92 सेनानीयों के नाम अंकित हो लेकिन परिषद की ओर से ना तो पूर्नविचार किया गया ना ही पत्र के आधार पर संगठन के सदस्यों से विचार विमर्श किया गया। परिषद की ओर से यह भी अवगत नही कराया गया कि जिन तीन सेनानीयों के नाम का चयन किया गया है उसका आधार, मापदण्ड क्या है।

वारासिवनी नगर में ऐसे अनेक सेनानी है जिन्होने 6 माह से लेकर 3 साल की अवधि तक का जेल कारावास भोगा है लेकिन उनके नामों पर प्रवेश द्वार ना बनाते हुये कुछ खास नामों का चयन कर लिया गया है। यह उल्लेखनीय है कि अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानीयों जिन्होने आजादी के अंदोलन में सक्रियता से भाग लिया था उनके त्याग बलिदान की उपेक्षा करते हुये उनका अपमान किया जा रहा है। जिला स्वतंत्रता सग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन की मांग है कि पृथक नाम से द्वार न बनाकर एक ही प्रवेश द्वार बनाया जाये जिसमें 92 सेनानीयों के नाम अंकित हो। 

देर शाम पूर्व कमिश्नर स्काउट गाईड म.प्र शासन हडताल स्थल पर पहुंचे जहां श्री आनंद ताम्रकार सहित उपस्थित संगठन के सदस्यों से विषय को संज्ञान में लेकर दूरभाष पर जिधाशीष एवं नपाध्यक्ष से इस विषय में न्यायोचित कार्यवाही करने की अपील करते हुये हडताल पर बैठे आनंद ताम्रकार से हडताल समाप्त करने की बात कही एवं  गौरव सिंह पारधी अपने समर्थकों के साथ हडताल स्थल पर पहुचें कर संगठन की मांग को उचित ठहराते हुये जिम्मेदारों को तत्काल कार्यवाही करने की अपील की।

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