रेलवे तत्काल टिकट कांड में CBI का अधिकारी निकला मास्टमाइंड | NATIONAL NEWS

Wednesday, December 27, 2017

नई दिल्ली। IRCTC की WEBSITE में तकनीकी घोटाला कर तत्काल टिकट कांड करने वाले सिंडिकेट का सरगना CBI का ही एक अधिकारी निकला। नई दिल्ली आॅफिस में काम करने वाला असिस्टेंट प्रोग्रामर अजय गर्ग इससे पहले आईआरसीटीसी में ही काम करता था। इसलिए उसे सारी तकनीक पता थी। उसी ने एक ऐसा गैरकानूनी SOFTWARE बनाया और देश के कई इलाकों में बेचा। इस मामले में सीबीआई ने 15 लोगों को नामजद किया है। सीबीआई ने अजय को गिरफ्तार कर लिया है। CBI books Ajay Garg, Asst Programmer of CBI & Anil Kumar Gupta for creating a illegal railway ticketing software; searches conducted at 14 places across the country, Rs 89 lakhs in cash and Rs 69 lakhs worth jewelry seized; accused received money through bitcoins

22 दिसंबर को मिली सूचना के आधार पर दिल्ली में 25 दिसंबर को 15 नामजद व अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। नई दिल्ली निवासी अजय गर्ग, जो वर्तमान में सीबीआइ नई दिल्ली के सिस्टम डिवीजन में असिस्टेंट प्रोग्रामर है। इससे पहले इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड में कार्य भी कर चुका है। वह मुंबई में रह रहे अनिल गुप्ता के संपर्क में आया। रेलवे की तकनीकी के जानकार अजय गर्ग ने एक सॉफ्टवेयर डेवलप किया जिससे तत्काल टिकट बुक हो जाता था। इस तरह सॉफ्टवेयर का प्रयोग अवैध था। अजय के सहायक अनिल ने सॉफ्टवेयर दिल्ली, मुंबई व जौनपुर के साथ देश के अन्य हिस्सों में लोगों को बेचा। 

यह सॉफ्टवेयर तेज काम करने वाला था। इससे तत्काल टिकट मिल जाता था। इस ऑपरेशन में आरोपियों ने 800 से 1000 आइडी का इस्तेमाल किया। अनिल गुप्ता सॉफ्टवेयर का होलसेलर था। लोगों को सॉफ्टवेयर बेचने से जो आमदनी होती थी उसे अनिल अजय को देता था। मुख्य रूप से अवैध कारोबार मुंबई और जौनपुर में चल रहा था। अनिल के विभिन्न बैंकों में अकाउंट थे। हवाला के जरिए अजय को अनिल रुपये ट्रांसफर करता था। अजय की पत्नी मोनिका गर्ग, बहन नीलम गोयल व बहनोई विशाल गोयल इस षड्यंत्र में और अवैध संपत्ति के बंटवारे में शामिल थे। अनिल ने अन्य आरोपियों को भी इस धंधे में शामिल किया।

15 नामजद आरोपियों में छह जौनपुर के
रेलवे वेबसाइट हैक करने के मामले में कुल 15 नामजद आरोपी हैं। मुख्य आरोपी अजय गर्ग, उसकी पत्नी मोनिका, बहन नीलम, बहनोई विशाल के अलावा जगदीश प्रसाद गर्ग व रामदुलारी दिल्ली के हैं। जबकि, अनिल गुप्ता, सुभाष चंद्र सोनकर, अरुण कुमार तिवारी, शुभम शुक्ला, राहुल सिंह, राकेश कुमार गुप्ता यही के हैं। वहीं अजीत कुमार गुप्ता, रविंद्र मिश्रा, रमाशंकर मुंबई के हैं। सीबीआइ द्वारा छापे के दौरान छह मोबाइल सेट, तीन लैपटॉप, जिओ का वाई फाई राउटर, दो पेन ड्राइव, बैंक चेक, एयरटेल के दो सिम कार्ड, आइडीबीआइ बैंक के दो डेबिट कार्ड सहित 13 हजार 800 रुपये कैश बरामद हुए।

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