कोई भी महंत ब्रम्हचर्य का सर्टिफिकेट दे दे तो मान जाऊं: कुशमुनी

Monday, September 11, 2017

इलाहाबाद। अखाड़ा परिषद की कार्यकारिणी बैठक में रविवार को जारी की गई फर्जी बाबाओं की लिस्ट में शामिल इलाहाबाद के कुशमुनि स्वरूप ने अखाड़ा परिषद के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि अखाड़े से जुड़े साधु-संत ही भ्रष्ट हैं। सभी का मेडिकल टेस्ट होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अखाड़े का कोई भी महंत अगर अपने ब्रम्हचर्य का सर्टिफिकेट दे दे तो मैं मान जाऊंगा। नरेंद्रगिरि पर आरोप लगाया कि वो पैसे लेकर महामंडलेश्वर बनाते हैं। पद बेचने का काम करते हैं। इस पर अखाड़ा प्रमुख नरेंद्र गिर‍ि ने कहा- अखाड़ा परिषद संतों की संवैधानिक संस्था है, इस पर उंगली उठाने वालों को जब इस बात की ही जानकारी नहीं है, तो और फिर क्या कहा जा सकता है।

सबसे ज्यादा चरस, गांजा और भांग
कुशमुनि ने कहा- ''मैं विवाहित हूं और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा हूं। मेरा पूरा नाम ब्रम्हऋषि आचार्य कुशमुनि स्वरूप है। अखाड़े इस समय दुराचार और गंदे कामों के सबसे बड़े केंद्र बने हुए हैं। ये अखाड़ा परिषद भी ऐसा ही है। अखाड़े का कोई भी महंत अगर अपने ब्रम्हचर्य का सर्टिफिकेट दे दे तो मैं मान जाऊंगा। इन्हीं मंहतों द्वारा ही इस समय सबसे ज्यादा चरस, गांजा और भांग जैसे नशीले पदार्थों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

अखाड़ा परिषद का विरोध होना चाहिए 
उन्होंने आगे नरेंद्रगिरि पर सवाल खड़ा करते हुए कहा- ये तो वो हैं जो पैसे लेकर महामंडलेश्वर बनाते हैं। ये सभी पद बेचने वाले लोग हैं। ये धर्मविरोधी हैं। समाज को चाहिए कि अखाड़ा परिषद का विरोध करे। फालतू का पैसा खर्च होता है शाही स्नान में। जनता के लिए जनता के टैक्स से आता है वो पैसा।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने दिया ये बयान
दूसरी तरफ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि जिन-जिन लोगों को फर्जी घोषित किया गया है। वो सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करने की वजह खुद की दुकान खोलकर बैठे हैं। उनकी इस दुकानदारी की वजह से सनातन धर्मावलंबियों के बारे में समाज में दुष्प्रचार हो रहा है। उस पर रोक लगाने के लिए ये फेक लिस्ट जारी की गई है। अखाड़ा परिषद संतों की संवैधानिक संस्था है, इस पर उंगली उठाने वालों को जब इस बात की ही जानकारी नहीं है, तो और फिर क्या कहा जा सकता है।

कौन हैं आचार्य कुशमुनि स्वरूप?
आचार्य कुशमुनि स्वरूप इलाहाबाद के सिविल लाइंस रोडवेज बस अड्डे के सामने स्थित श्री सिद्धेश्वरी गुप्त शक्तिपीठ मंदिर के प्रबंधक हैं। वो मूल रूप से मनगढ़ प्रतापगढ़ के रहने वाले काली प्रसाद शुक्ला, जोकि इसी मंदिर में पुजारी थे, उनके बेटे हैं। उन्होंने इलाहाबाद के मुट्ठीगंज थाना अंतर्गत मालवीय नगर में अपना घर बनाया था। वहीं पर वह अपने साथ बेटों और एक बेटी के साथ रहते थे।

इन बाबाओं को फर्जी घोषित किया गया 
1-आसाराम बापू उर्फ़ आसुमल शिरमालानी।
2- राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर
3-सच्चिदानंद गिरी उर्फ सचिन दत्ता।
4-गुरमीत सिंह सच्चा डेरा सिरसा।
5-ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा।
6-निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह।
7- इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी।
8-स्वामी असीमानंद।
9-ओम नमः शिवाय बाबा।
10-नारायण साईं।
11-रामपाल।
12-कुशमुनि।
13-स्वामी ब्रष्पद।
14-मलखान गिरी।

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