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MP में सरकारी खर्च पर मंत्रीपुत्र की विदेश यात्रा

भोपाल। मुख्यमंत्री विदेश अध्ययन यात्रा योजना के नाम पर किसानों को विदेश यात्रा पर भेजा जाता है ताकि वो खेती के नए नए गुर सीखकर आएं और फिर मप्र के किसानों को उन्नत खेती की तकनीक सिखाएं। पता चला है कि इस योजना के नाम पर मप्र की शिवराज सिंह सरकार ने मंत्री पुत्र, आईएएस, आईएफएस तथा विभाग के अधिकारियों को विदेश यात्रा करवाईं हैं। सूर्यप्रकाश मीना राज्य मंत्री उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के बेटे को तो 2 बार विदेश यात्रा पर भेजा गया। उनके साथ उनके चचेरे भाई और एक दोस्त को भी यात्रा करवाई गई है। 

खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री विदेश अध्ययन यात्रा योजना के तहत उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग के राज्यमंत्री सूर्यप्रकाश मीना के पुत्र देवेश कुमार मीणा एकबार नहीं बल्कि दो बार विदेश यात्रा कर चुके हैं। उनके साथ चचेरे भाई कृष्णा मीना और दोस्त महेन्द्र सिंह भी साथ थे। यात्रा के लिए 64 लाख 37 हजार 40 रुपये की राशि का भुगतान शासन द्वारा अधिकृत एजेंसी एसएफएसी नई दिल्ली को किया। इतना ही नहीं कृषि उत्पादन आयुक्त प्रेमचंद मीना और संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी आईएफएस सत्यानंद भी विदेश गये थे। उद्यानिकी विभाग से ही होशंगाबाद की सहायक संचालक  डॉ. नेहा पटेल भी विदेश यात्रा कर चुकीं हैं। 

कमलनाथ ने हिसाब मांगा
पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के किसानों को खेती के प्रशिक्षण पर विदेश भेजे जाने की योजना पर भी सवाल उठाते हुए ट्विट किए हैं। उन्होंने कहा कि शिवराज के कार्यकाल में किसानो को खेती का प्रशिक्षण व गुर सिखाने के नाम पर हो रही देश-विदेश की यात्राओं के नाम पर भी खेल चल रहा है। किसानो के नाम पर मंत्रीयो के परिजन, भाजपाई सरकारी खर्च पर यात्राएं कर रहे हैं। उन्होंने ट्विट कर अभी तक की सारी यात्राओं और उनका कुल खर्च की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

मेरा बेटा किसान है
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के राज्यमंत्री सूर्यप्रकाश मीना का कहना है कि मेरा बेटा और भतीजा दोनो प्रगतिशील किसान हैं। उन्होंने विदेश भ्रमण जाने के लिये सभी मापदंडों का पालन किया है। 25 प्रतिशत अंशदान जमा की है। उनके साथ 20 और किसान गये थे लेकिन वो यह नहीं बता पाए कि उनके बेटे का दोस्त साथ क्यों था। सवाल यह भी है कि उन्हीं के बेटे को 2 यात्राएं क्यों कराई गईं।