बेटे की लाश के साथ जिंदा मां को मुर्दाघर में बंद कर ताला लगा दिया

Updesh Awasthee
नई दिल्ली। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक गरीब आदिवासी मां को बेटे की लाश के साथ मुर्दाघर में कैद कर दिया गया। महिला अपने बेटे की लाश रात भर अकेले छोड़ने को तैयार नहीं थी। गुस्साए कर्मचारी ने महिला को लाश के साथ बंद किया और ताला लगाकर चला गया। सारी रात महिला अपने बेटे की लाश के साथ कैद रही। सुबह जब प्रशासन को पता चला तो महिला को बाहर निकाला गया। 

प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट थाना क्षेत्र के हरो गांव में रहने वाले रमेश मीणा का 10 साल का बेटा छोटू शनिवार दोपहर को गांव में खेल रहा था। इसी दौरान वह पेड़ चढ गया और गिरकर गंभीर घायल हो गया। परिजन उसे दोपहर 2:55 पर प्रतापगढ़ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उपचार के दौरान रविवार रात 2:30 बजे उसकी मौत हो गई। इस पर चिकित्सकों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर में भिजवा दिया।

शव को लेकर रमेश मीणा और उसकी पत्नी रकमी फोर्थ क्लास कर्मचारी के साथ मोर्चरी में चले गए। शव काे मोर्चरी में रखने के बाद मृतक की मां ने बालक के शव को अकेला छोडने से इनकार कर दिया। इस पर फोर्थ क्लास कर्मचारी गेट के ताला लगाकर चला गया। सुबह अस्पताल प्रशासन को इस घटना का पता चलने पर मोर्चरी में बंद मां को बाहर निकाला। इस दौरान बच्चे के पिता मोर्चरी के बाहर बैठे रहे। सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए मना कर दिया और अपने बेटे का शव लेकर गांव रवाना हो गए।

मामले की जांच के दिए आदेश
अस्पताल के अधिकारियों ने कर्मचारी की लापरवाही को मानते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में एक कमिटी का भी गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राधेश्याम कच्छावा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारी से घटनाक्रम की जानकारी और स्पष्टीकरण मांगी है।

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