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60 कलाकार 19 घंटे करेंगे बाबा महाकाल की नृृत्य आराधना

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल में गंगा दशहरा पर 4 जून को 60 कलाकार लगातार 19 घंटे तक नटराज बाबा महाकाल की नृत्य आराधना करेंगे। देश में उत्तम वृष्टि तथा सुख-समृद्धि की कामना से होने वाले इस आयोजन में प्रदेश के कई कलाकार भी शामिल होंगे। संध्या आरती के बाद मंदिर परिसर में सम्मान समारोह होगा। इसमें बच्चे सामूहिक प्रस्तुति देंगे।

संस्था निदेशक साधना मालवीय ने बताया भस्मारती से शयन आरती तक बाल और युवा कलाकार नृत्य प्रस्तुति देंगे। तबले की थाम पर घुंघरु की झनकार से नटराज भगवान महाकाल का आंगन गुंजायमान होगा। शाम को सांस्कृतिक सांझ सजेगी। नृत्यगुरु राजकुमुद ठोलिया के सान्न्ध्यि तथा मृणालिनी चौहान के निर्देशन में कलाकार गणेश वंदना, शिवतांडव, शिव पंचाक्षर आदि की प्रस्तुति देंगे।

शिप्रा-गंगा मंदिर में सजेगा फूल बंगला
गंगा दशमी पर गोधुली बेला में शिप्रा-गंगा माता की महाआरती होगी। श्रीरामघाट तीर्थ पुरोहित महासभा द्वारा शिप्रा-गंगा माता मंदिर में मोगरे के फूल से फूल बंगला सजाया जाएगा। पं.गौरव उपाध्याय ने बताया सुबह पंचामृत अभिषेक पूजन के बाद शिप्रा-गंगा माता का विशेष शृंगार होगा। शाम को महाआरती की जाएगी।

राणोजी की छत्री घाट पर महाशिप्रा आरती
श्री तीर्थ पुरोहित महासभा द्वारा मोक्षदायिनी शिप्रा के राणोजी छत्री घाट पर की जाने वाली नित्य आरती, गंगा दशमी पर विशेष आकर्षण लिए होगी। अध्यक्ष पं.राजेश त्रिवेदी ने बताया 11 पंडित विशेष दीपों से शिप्राजी की आरती करेंगे। सैकड़ों नगरवासी भी इसमें शामिल होंगे। इससे पूर्व माता शिप्रा की मूर्ति का पंचामृत अभिषेक पूजन किया जाएगा।