राज्यपाल ने आरटीआई कार्यकर्ता को माफिया कहा, एडीजी ने हंगामा कर दिया

20 September 2016

नईदिल्ली। एक आरटीआई को लेकर काफी हंगामा हुआ। विवाद तेलंगाना-आंध्र के राज्यपाल ईएसएल नरसिमन राव और एडीजी इंदू कुमार भूषण के बीच हुआ। यह विवाद इतना बढ़ा कि एडीजी को कार्यक्रम के बीच से ही बेदखल कर दिया गया। उन्हें जबरन दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में बिठाकर रवाना कर दिया गया। 

राज्यपाल और एडीजी के विवाद की पूरी कहानी
भूषण: आपने आरटीआई कार्यकर्ता को माफिया कैसे कहा, वे सूचना मांग रहे थे?
राज्यपाल: वे सूचना ही ऐसी मांगते हैं।
भूषण: वे गलत काम नहीं कर रहे, आपको एक्ट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है? 
राज्यपाल: मैं तो प्रेक्टिकली बात कर रहा हूं। कोई थ्योरी की नहीं। 
(इसी दौरान एडीजी भूषण का मोबाइल बजने लगता है, जबकि सभी के मोबाइल बंद करा दिए गए थे।) 
भूषण: मोबाइल बंद करते हुए माफिया क्यों कहा? 
राज्यपाल: क्योंकि वे कुछ भी जानकारी मांग लेते हैं। मैं बालाजी दर्शन को गया था। एक व्यक्ति ने इसी की जानकारी मांग ली। 
भूषण: आपको उस आरटीआई कार्यकर्ता को सही जानकारी देनी चाहिए थी। 
राज्यपाल: लोग इसका गलत उपयोग करते हैं। एक्ट अच्छा है तो इस्तेमाल भी अच्छे तरीके से होना चाहिए। 
(पांच से सात मिनट तक राज्यपाल और भूषण में विवाद होता रहा। देशभर से आए 40 पुलिस अफसर हैरान)

राज्यपाल के एडीसी ने भूषण से बात की तो वे उनसे भी झगड़ा करने लगे। वहां मौजूद अकादमी की डायरेक्टर अरुणा बहुगुणा ने तुरंत राजस्थान के डीजीपी मनोज भट्ट से बात की और भूषण को ट्रेनिंग से रिलीव कर दिया। रिलीव होने की बात सुनकर एडीजी अकादमी की डायरेक्टर से झगड़ा कर अपने कमरे पर चले गए। तब डायरेक्टर ने अफसरों के साथ रिलीव आर्डर भेजा तो एडीजी वहां भी हंगामा करने लगे। उन्होंने रिलीव आर्डर लेकर गए अफसरों को धमकाया और कहा, अगर उनको रिलीव किया तो आत्महत्या कर लूंगा। इसके लिए खुद का गला काट लूंगा। उन्होंने अकादमी में ही अनशन पर बैठने की धमकी भी दी। करीब 20 मिनट तक हंगामा होता रहा। बाद में सीआईएसएफ और पुलिस को बुलाया गया। जिनकी मदद से एडीजी को उठाकर अकादमी से एयरपोर्ट ले जाया गया। जहां से शाम छह बजे दिल्ली की फ्लाइट में बैठा कर रवाना कर दिया। पिछल साल भी एकेडमी के डायरेक्टर से अभद्रता करने पर एडीजी भूषण को ट्रेनिंग से बाहर निकाल दिया था।

एडीजी इंदू कुमार भूषण का कहना है, 
राज्यपाल ने आरटीआई कार्यकर्ता को माफिया बताया था। तब मैंने कहा था कि वह माफिया नहीं है। या तो आप सूचना दे या फिर इनकार कर दें। इसके बाद राज्यपाल के एडीसी ने मुझसे अभद्रता की। बाद में मैं कमरे पर आ गया। उन्होंने मेरे कमरे का गेट तोड़कर मुझे बाहर निकाला और जबरन एयरपोर्ट ले गए। जहां दिल्ली जाने वाले प्लेन में बिठाकर आ गए। मैने कहा था कि मुझे एक दिन आराम करने दो। मगर वे नहीं माने। एकेडमी की डायरेक्टर मुझे ट्रेनिंग से बाहर निकालना चाहती थी। सो निकाल दिया। अब उनके खिलाफ क्या करूंगा यह कल सोचूंगा।

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