जोर से मुंह दबाया था, सांस रुकने से हुई थी शिल्पू की मौत

Updesh Awasthee
इंदौर। लेमन ट्री होटल में हुई शिल्पी (शिल्पू) भदौरिया की मौत आत्महत्या नहीं थी। उसके मुंह को जोर से दबाया था जिससे उसकी सांस रुक गई और इसी कारण उसकी मौत हुई। शिल्पू के शरीर पर नाखूनों के निशान भी है। पुलिस की कहानी झूठी निकली है। साफ हो गया है कि होटल रूम में शिल्पी को काबू करने की कोशिश की गई। इसी दौरान उसकी मौत हुई। यह गैंगरेप की कोशिश के दौरान हुई हत्या का मामला है। जिसे आत्महत्या दिखाने और प्रमाणित कर देने की कोशिश की गई। 

रविवार रात आरएनटी मार्ग स्थित लेमन ट्री होटल के पैसेज में शिल्पी भदौरिया की लाश मिली थी। वह अपने रूम मेट आशुतोष जोहरे के साथ होटल पहुंची थी। दोनों रूम नंबर 418 में ठहरे दोस्त शैलेंद्र सारस्वत से मिलने गए थे। शैलेंद्र के साथ उसका दोस्त नीरज दंडोतिया भी था। 

पुलिस इसे आत्महत्या मानकर जांच कर रही थी। जांच के बाद पुलिस ने घटना के दौरान मौजूद तीनों लड़कों को मौत का दोषी मानकर गिरफ्तार किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस भी ली। पुलिस ने कहानी बताई कि शिल्पी कमरे का माहौल देख भड़क गई। अंदर सभी सिगरेट और शराब पी रहे थे। इस बात पर आशुतोष और उसकी बहस हुई। उसके बाद शिल्पी बालकनी में गई और कूदकर जान दे दी। परिजनों ने पुलिस की कहानी पर शुरू से ही शक जाहिर किया था। शनिवार को जैसे ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली तो वे भड़क गए। उन्होंने पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने जैसे आरोप भी लगाए।

जमकर पीटने के बाद मार डाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा भी हुआ कि होटल के कमरे में शिल्पी से जमकर मारपीट की गई थी। इससे उसके पेट के भीतर और अन्य अंगों पर गंभीर चोट आई थी। इसके बाद उसे फर्श पर पटका मुंह दबाया गया। इस दौरान हुए संघर्ष में शिल्पी के शरीर पर नाखूनों के निशान भी लगे। जब दम घुटने से उसकी मौत हो गई तो आत्महत्या दिखाने के लिए शव को नीचे फेंक दिया गया।

इसलिए पुलिस को लगी आत्महत्या
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना का री-प्ले करके भी देखा। पुलिस अफसरों और वैज्ञानिक अफसरों का मत था कि ऊंचाई से गिरने और फेंके जाने में काफी अंतर होता है। शिल्पी का शव 90 डिग्री के एंगल से नीचे पड़ा था। ऐसा तभी हो सकता है जब कोई गिरे। फेंके जाने के दौरान यह स्थिति नहीं बन सकती। री-प्ले में भी यही तथ्य सामने आए थे।

वरिष्ठ अफसर केस की करेंगे समीक्षा
इस मामले में तुकोगंज टीआई दिलीपसिंह चौधरी और पुलिस के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. सुधीर शर्मा का कहना है कि पीएम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आई है। शुरुआती जांच में अलग तथ्य सामने आए थे। अब इस मामले की नए सिरे से जांच के साथ ही मेडिकल सलाह भी ली जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं।

ये है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में
मौत सामान्य नहीं हत्या की गई है।
पहले जमकर मारपीट की गई और फिर पीठपर बैठकर मुंह दबाया गया।
मौत गला दबाने और सांस रुकने से हुई।
शरीर पर संघर्ष के दौरान बनने वाले नाखूनों के निशान मिले।
मौत के तुरंत बाद शव को ऊंचाई से फेंक दिया गया।
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