भोपाल। प्रदेश के सबसे बड़े कर्मचारी संगठन मप्र अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा में सोमवार को हड़कंप मचा रहा। मप्र राज्य कर्मचारी संघ की रविवार को बैठक हुई थी। इसमें संघ के पदाधिकारियों ने प्रांताध्यक्ष जितेंद्र सिंह से मोर्चा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने को कहा था। दबाव में आए सिंह ने रविवार को ही इस्तीफ दे दिया था। रात तक चले घटनाक्रम के बाद सोमवार सुबह मोर्चा के पदाधिकारियों ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में सिंह का इस्तीफा नामंजूर करने का फैसला लिया गया।
हमारा पॉलिटिकल कनेक्शन नहीं
मोर्चा के संरक्षक भुवनेश पटेल ने सफाई देते हुए कहा कि मोर्चा का किसी राजनीतिक दल से लेना-देना नहीं है। कुछ कर्मचारी नेता मोर्चे में शामिल संगठनों में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। मोर्चा 71 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन करके रहेगा।
मैंने दबाव में नहीं दिया इस्तीफा:
सिंह ने कहा हां मैंने इस्तीफा दिया था, लेकिन दबाव में आकर ऐसा नहीं किया। मोर्चा का गठन कर्मचारी हितों के लिए किया गया है। इसमें शामिल कर्मचारी संगठनों ने मेरे ऊपर भरोसा जताया है।
