भोपाल। सीएम शिवराज सिंह का दलित प्रेम लगातार विवादित होता जा रहा है। जहां एक ओर वो मप्र के 'माई का लालों' के निशाने पर आ गए हैं तो दूसरी ओर दलितों ने भी उन्हें आत्मसात नहीं किया है। ताजा मामला विदिशा स्थित बाढ़ वाले गणेशजी के मंदिर का है। इसे शिवराज सिंह का मंदिर भी कहते हैं, वो इसलिए क्योंकि इसका जीर्णोद्धार स्वयं शिवराज सिंह ने कराया है। विवाद यह है कि यहां कई दलित परिवारों ने जाना छोड़ दिया है और आरोप यह है कि मंदिर के पुरोहित उन्हें दर्शन करने की अनुमति नहीं देते।
क्या रिश्ता है शिवराज का इस मंदिर है
यह विदिशा का प्रसिद्ध मंदिर है। इसे 'बाढ़ वाले गणेशजी महाराज' के नाम से पुकारा जाता है। पहले यह एक छोटा सा मंदिर और चबूतरा हुआ करता था। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसका जीर्णोद्धार करवाया। उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह यहां हर सप्ताह आतीं हैं। केवल दर्शन नहीं करतीं बल्कि मंदिर की सेवा भी करतीं हैं। इस मंदिर में साफ सफाई करते, कचरा उठाते उन्हें सहज ही देखा जा सकता है। सीएम शिवराज सिंह भी महीने में एक बार यहां जरूर आते हैं। मान्यता है कि शिवराज सिंह पर आने वाली तमाम विपत्तियां 'बाढ़ वाले गणेशजी महाराज' की कृपा से ही दूर होतीं हैं। व्यापमं जैसा संकट भी इन्हीं की कृपा से दूर हुआ।
विवाद क्या है
विवाद यह है कि जीर्णोद्धार के बाद यहां दलितों का आना जाना बंद हो गया है। कुछ लोगों का कहना है कि दलितों ने यहां खुद आना बंद कर दिया तो कुछ लोग बताते हैं कि मंदिर के पुरोहित उन्हें प्रवेश नहीं करने देते। कुछ लोग दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाते हैं, लेकिन सब कुछ धीमी आवाज में और चुपके चुपके। आखिर मंदिर सीएम साहब का जो है। अब सही क्या है, गलत क्या यह तो मंदिर के संचालकगण ही जानें, परंतु यदि छुआछूत नहीं है तो आने वाली चतुर्थी पर यहां दलितों के लिए विशाल भंडारा होना चाहिए।
