सतना। पृथ्वी पर मौजूद समस्त चर प्राणियों मेें केवल घोड़ा है जो कभी नहीं सोता, लेकिन वो खड़े खड़े झपकियां जरूर ले लेता है परंतु क्या आप विश्वास करेंगे कि एक इंसान ऐसा है जो पिछले 43 साल से एक पल के लिए भी नहीं सोया। डॉक्टर, वैद्य, तंत्र, मंत्र सब करा लिया। उसे कभी नींद नहीं आई। उल्टा रात के वक्त उनकी एनर्जी ज्यादा बढ़ जाती है। वो कभी थकान महसूस ही नहीं करते।
इस अजब-गजब शख्स का नाम है मोहनलाल द्विवेदी, जो रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर हैं। जुलाई 1973 से आज तक वह एक पल के लिए न तो सोए और न ही उन्हें कभी थकान महसूस हुई। इसी के साथ वह सूरज ढलने के बाद और अधिक स्फूर्तिवान हो जाते हैं। जब समूची दुनिया सोती है तो वह या तो पढ़ते रहते हैं अथवा उठकर टहलने लगते हैं।
सुबह 4 बजे से पूजा-पाठ में लग जाते हैं। 1997-98 में उन्होंने लोगों के दबाव में आकर मुम्बई के बॉम्बे हॉस्पिटल में चैकअप कराया। डाक्टरों से जब उन्होंने अपनी समस्या बताई तो सभी हैरान रह गए। 10 दिनों तक 4 डाक्टरों की टीम ने उनका परीक्षण किया और अंत में सभी ने कहा कि जब आपको किसी तरह की परेशानी नहीं है तो फिर आप फिट हैं जाइए और अपना काम कीजिए, मेडिकल साइंस की किताबों में ऐसी किसी डिसीज के बारे में कोई जिक्र नहीं मिलता।
रेयरेस्ट केस है ये
इकोनॉमिक्स से एमए की डिग्री हासिल करने के बाद मोहनलाल द्विवेदी 43 सालों के लंबे अंतराल में न तो कभी बीमार पड़े और न ही उन्हें कभी भी थकान महसूस हुई। चिकित्सा विज्ञान के जानकारों को जब इस बात का पता चलता है तो इसे रेयरेस्ट केस बताकर कहते हैं कि यह तो बड़े वैज्ञानिक शोध का विषय है।
रूद्राक्ष धारण करने से मिलती है शांति
वर्ष 2010 में संयुक्त कलेक्टर के पद से रिटायर्ड हो चुके मोहनलाल द्विवेदी कहते हैं कि एक बार मन में ऐसा डर आया कि बुढ़ापे में कहीं न सोने की वजह से तकलीफ न हो, लिहाजा उपचार की जितनी भी पैथी हैं सभी से दवा करा चुके हैं। दवा लेने पर शरीर में दर्द तथा अन्य तरह की तकलीफ बढ़ जाती है। घर के लोगों ने तंत्रमंत्र, झाड़फूंक सब करा डाला। ऐसा कोई उपाय करने पर मैं असामान्य हो जाता हूं, क्रोध आने लगता है केवल रूद्राक्ष पहनने पर शांति मिलती है।
रीवा जिले के जनकहाई गांव में रहने वाले उनके पिता रामनाथ द्विवेदी भी कई सालों से केवल दो घंटे ही सोते हैं। पत्नी निर्मला द्विवेदी व बेटी प्रतिभा भी अन्य लोगों की अपेक्षा बहुत कम सोती हैं।
