मंत्री महोदय, एक स्कूल का अ​नुभव दूसरे में अमान्य क्यों हो जाता है

शिक्षा मन्त्री महोदय, नम्र निवेदन है कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के संदर्भ में शासन के आदेश यह है कि अनुभवी को लाभ दिया जाए। जबकि प्राचार्य द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है एक संस्था के अनुभव को दूसरी संस्था में नहीं दिया जा रहा है।

मैं विमल कुमार पाटीदार, नीमच मैंने गत वर्ष शाउमावि डीकेन मैं कार्य किया था। अब मैंने शाउमावि जनकपुर मोरवन में रसायन वर्ग 1 में आवेदन किया है। वहां पर अतिथि शिक्षक चयन समिति ने यह कहा कि दूसरी संस्था में कार्यरत अतिथि को अनुभव का लाभ नहीं दिया जाएगा। यह कह कर उन्होंने मुझसे कम अंक वाले अतिथि का चयन कर लिया।

जबकी हम दोनों का अनुभव समान 1 वर्ष का है और मेरे msc मैं प्रतिशत ज्यादा हैं। सिर्फ फर्क इतना है मैंने दूसरे विद्यालय में कार्य किया था। इस प्रकार उन्होंने मुझसे कम अंक वाले का चयन कर लिया। 

महोदय से निवेदन है कि है कि किसी भी विद्यालय पढ़ाया हो उसके अनुभव का लाभ अन्य विद्यालय में भी दिया जाए। आखिर दोनों ही विद्यालय मप्र शासन के हैं तो अनुभव किसी एक स्कूल के लिए मान्य, दूसरे के लिए अमान्य क्यों। 

नाम विमल कुमार पाटीदार 
गांव ड़ीकेन जिला नीमच मप्र
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