नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को दो साल हो चुके हैं। इस मौके पर सरकार ने MyGov portal पर दो साल के कामकाज पर जनता से राय ली। एक महीने तक चले इस सर्वे में जनता से सरकार की नीतियों, मंत्रालयों के कामकाजों पर राय ली गई। गुरुवार को यह सर्वे पूरा हुआ और मोदी सरकार की विदेश नीति को सबसे ज्यादा सराहना मिली। सर्वे में एक से पांच स्टार के बीच रैंकिंग देनी थी। फाइव स्टार यानि सबसे बढि़या और एक स्टार खराब प्रदर्शन। काले धन और स्वच्छ भारत के मुद्दे पर सरकार का प्रदर्शन फिसड्डी रहा। आइए जानते हैं सरकार कहां रही चुस्त और कहां सुस्त:
मोदी सरकार की विदेशी नीति को सबसे ज्यादा लोगों ने सराहा। इसे 67 फीसदी लोगों ने फाइव स्टार रैंकिंग दी। केवल 6 प्रतिशत लोगों ने 3 से कम स्टार दिए। इससे पता चलता है कि जनता को मोदी सरकार की विदेशी नीति पसंद हैं। हालांकि इस मुद्दे पर सरकार को सबसे बड़ी कामयाबी अभी नहीं मिली है। न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में उसकी एंट्री अभी भी आसान नहीं है।
रेलवे के आधुनिकीकरण की नीति पर भी जनता ने फर्स्ट डिवीजन से मुहर लगाई। 67 फीसदी लोगों ने रेलवे के आधुनिकीकरण को फाइव स्टार दिया। यहां पर तीन फीसदी लोगों ने एक स्टार और तीन फीसदी ने ही दो स्टार दिए। 19 फीसदी ने चार स्टार दिए। रेल मंत्रालय का जिम्मा सुरेश प्रभु ने दिया है। रेल मंत्रालय ने पिछले दो साल में बुलेट ट्रेन चलाने, ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और स्वच्छता पर काम किया है।
स्मृति ईरानी के मानव संसाधन मंत्रालय का कामकाज जनता को ज्यादा पसंद नहीं आया। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के सवाल पर केवल 35 प्रतिशत लोगों ने 5 स्टार रेटिंग दी। यहां पर 15 फीसदी लोगों ने 3 से कम स्टार दिए।
इस सर्वे में 2,68,796 लोगों ने हिस्सा लिया। एक अधिकारी के अनुसार सर्वे के नतीजों को जल्द ही पीएम मोदी के पास भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि मंत्रीमंडल में फेरबदल के वक्त इस सर्वे के नतीजों को ध्यान में रखा जाएगा।
