नई दिल्ली। सूखे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज राज्यों के साथ-साथ केंद्र को भी कई निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा कि राज्य और केंद्र दोनों कानून से बंधे हुए हैं। राज्य की सरकारें इसे लेकर फंड का बहाना नहीं बना सकतीं। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 1 अगस्त को करेगा।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए कुछ अहम दिशा- निर्देश:
- राज्य सरकारें फण्ड की कमी का आड़ नहीं ले सकती।
- आपदा राहत प्रबंधन ने तहत आवंटित फण्ड तत्काल जारी किया जाए।
- फसल के कर्ज पुनर्गठन के बारे में RBI के निर्देशों का पालन करे।
- मिड-डे मिल सूखा प्रभावित राज्यों में गर्मियों की छुट्टी के दौरान दें।
- मनरेगा के तहत राज्य सरकार काम देंगी।
- मनरेगा लागू करना उनका दायित्व है उससे वो इंकार नहीं कर सकते।
- मनरेगा को पर्याप्त धन दिया जाए और देरी से भुगतान पर मुआवजा दिया जाए।
- कानून के तहत इम्पलॉयमेंट गारंटी कौंसिल का गठन किया जाए।
- जरूरी आर्थिक संसाधन भेजे या तैनात करे।
- पहले से ही फसल के नुकसान का प्रावधान दिया गया है उसको लागू किया जाए।
- RBI में पहले से ही कर्ज के पुनर्गठन के दिशा निर्देश मौजूद है।
- राज्य सरकार इनको फॉलो करे।
कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 1 अगस्त को करेगा। 1 अगस्त को राज्य सरकारें स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करेगी।
