शिक्षा और वित्त विभाग में तकरार, अटक सकता है वेतन

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भोपाल। शिक्षकों का वेतन पिछले साल की तरह इस बार भी अटक सकता है। इसकी वजह डीडीओ को लेकर वित्त और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच जारी तकरार बन सकती है। दरअसल, वेतन जारी करने वाले डीडीओ की शिक्षा विभाग में संख्या ढाई हजार से ज्यादा है। अब वित्त विभाग चाहता है कि इसे 500 कर दिया जाए। उधर, स्कूल शिक्षा विभाग की अभी भी कोई तैयारी नहीं है।

वित्त विभाग ने स्कूल शिक्षा और आदिमजाति कल्याण विभाग को 15 जून तक का समय दिया है। विभाग ने साफ कहा कि इस दौरान डीडीओ की संख्या कम कर लें अन्यथा 15 जून से डीडीओ को निष्क्रिय माना जाएगा। ऐसा होने पर शिक्षकों का वेतन, छात्रवृत्ति, विभाग की अनुग्रह व अनुदान राशि भी अटक जाएगी। वित्त के निर्देश पर ट्रेजरी ऑफिसर्स ने पिछले साल विभाग के डीडीओ कोड लॉक कर दिए थे।

जिस कारण विभाग के कर्मचारियों का मार्च माह का वेतन अटक गया था। तत्कालीन आयुक्त लोक शिक्षण डीडी अग्रवाल ने बीईओ स्तर पर व्यवस्था बनाने के लिए वित्त से छह माह की मोहलत मांगी थी। तब कहीं डीडीओ ने फिर से काम शुरू किया था।

उल्लेखनीय है कि डीडीओ को लेकर पिछले तीन साल से दोनों विभागों में तकरार चल रही है। वित्त विभाग ने ज्यादा डीडीओ होने से राशि के आहरण में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए 13 जून 2012 को स्कूल व आदिमजाति कल्याण विभाग के डीडीओ कम करने का निर्णय हुआ था। तब से वित्त, दोनों विभागों को रिमाइंडर जारी कर रहा है। ज्ञात हो कि वर्तमान में संकुल प्राचार्य डीडीओ का कार्य संभाल रहे हैं। प्राचार्य कर्मचारी का वेतन बनाकर ट्रेजरी भेजते हैं। 

बीईओ को सौंपना थी जिम्मेदारी 
स्कूल शिक्षा विभाग ने 28 फरवरी-15 को डीडीओ के अधिकार विकास खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को देने का निर्णय लिया था। इसके बाद प्रदेश में डीडीओ की संख्या ढाई हजार से कम होकर 313 हो रही थी। इससे वित्त विभाग भी सहमत था, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग बीईओ कार्यालयों में व्यवस्थाएं नहीं जुटा सका। स्थिति आज भी वैसी ही है। 
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