नईदिल्ली। चंडीगढ़ प्रशासन ने महिलाओं के स्कर्ट पहनकर डिस्को में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। लड़कियों और महिलाओं को शालीन दिखने वाले कपड़े पहनकर ही डिस्कोथेक में आने के लिए कहा गया है। प्रशासन के इस फैसले की महिलाओं के साथ-साथ बार और डिस्कोथेक संचालकों ने भी निंदा की है।
नाइटलाइफ की आड़ में अभद्रता को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक मनोरंजन, 2016 नियम का हवाला देकर लागू की गई इस नीति को लोग बेतुका और हास्यास्पद बता रहे हैं। राजद्रोह का हवाला देते हुए सभी के लिए इसका इसका पालन अनिवार्य किया गया है। नौकरशाहों ने पाया था कि शहर के बार और डिस्कोथेक राष्ट्र विरोधी तत्वों के लिए के लिए आधार केंद्र बन गए हैं।
1 अप्रैल से प्रभाव में आई इस नीति में बार के समय में दो घंटे की कटौती करते हुए रात 2:00 के बजाय सिर्फ आधी रात 12 बजे तक खोलने को कहा गया है। वहीं सरकारी बाबुओं को डिस्कोथेक और बार मालिकों पर कार्रवाई के लिए अभूतपूर्व शक्तियां दी गई हैं।
बार और डिस्कोथेक चलाने के संबंध में बनाई गई नीति में कहा गया है कि "कम कपड़े पहने महिलाओं के विज्ञापन लगाने और अभद्रता और विद्रोहात्मक या राजनीतिक असंतोष उत्तेजित करने की संभावना है" तो ऐसे मामले सामने आने की स्थिति में समिति द्वारा अनुमति देने इनकार किया जा सकता है।
