मंडला। जिला शिक्षा केन्द्र और जनपद शिक्षा केन्द्र द्वारा उन शिक्षक और अध्यापकों के वेतन रोकने के आदेश दिये गये हैं जिनके विद्यालय में शौचालय निमार्ण का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। आदेश उस समय हुए जबकि त्यौहारी सीजन चल रहा है और शासन के पास वेतन रोकने का संवैधानिक अधिकार नहीं है।
राज्य अध्यापक संघ के जिला शाखा अध्यक्ष डी.के.सिंगौर ने वेतन रोकने के इस आदेश पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। संघ ने आपत्ति जाहिर करते हुये कहा है कि दीपावली जैसे त्यौहार के चलते अध्यापकों का वेतन रोका जाना एकदम गलत है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी शौचालय कार्य अपूर्ण होने पर वेतन रोकने के आदेश दिये गये थे इस पर अध्यापकों द्वारा उधारी बाड़ी कर शौचालय निमार्ण का कार्य पूरा करा दिया गया लेकिन शौचालय निमार्ण की शेष राशि आज दिनांक तक अप्राप्त है। ऐसें में इन अध्यापकों को व्यापारियों द्वारा परेशान किया जा रहा है।
ज्ञातव्य हो कि शौचालय निमार्ण हेतु एक लाख चालीस हजार की राशि स्वीकृत हुई है जिसमें से एक लाख बारह हजार की राशि प्रदाय की गई है शेष 28 हजार की राशि शौचालय कार्य पूर्ण हो जाने के बाद भी नहीं दी जा रही है। जब विद्यालय प्रबंधन को शौचालय निमार्ण की पूरी राशि प्रदाय ही नहीं की गई है ऐंसें में पूर्ण शौचालय निमार्ण की बात करना बेमानी है। संघ ने उन उपयंत्रियों पर कार्यवाही की मांग की है जिनके पर्याप्त मार्गदर्शन न मिल पाने के कारण भी शौचालय निमार्ण में विलम्ब हुआ है।
अध्यापक जो कि नाॅन टेक्निकल कर्मचारी है और उससे शौचालय निमार्ण कार्य कराना पूर्णतः गैर शिक्षकीय और बिना पारिश्रमिक के कराये जाने वाला कार्य है उस पर कार्यवाही करना या वेतन रोकना अध्यापकों का शोषण है। दीपावली त्यौहार को देखते हुये शौचालय निमार्ण की बकाया राशि तत्काल जारी करने साथ ही अध्यापकों के वेतन रोकने की कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग राज्य अध्यापक संघ ने की है।
राज्य अध्यापक संघ के संजीव सोनी, अमरसिंह चंदेला, गंगाराम यादव,अजय मरावी,नदंकिशोर मार्को,मंशाराम झारिया,राकेश जायसवाल, प्रकाश सिंगौर,शिवरतन सोयाम,संजीव दुबे, सुनील नामदेव, श्याम बिहारी चैधरी ने दीपावली पूर्व सभी अध्यापकों को वेतन भुगतान की मांग की है।

