रामगोपाल सिंह राजपूत/भोपाल। इंजीनियरिंग कर रहे छात्रों के लिए यह अच्छी खबर है। उन्हें पढ़ाई के दौरान अब सेमेस्टर बैक या ईयर बैक नहीं लगेगा। साथ ही अगर वे चाहें तो एक सेमेस्टर के साथ-साथ दूसरे सेमेस्टर की तैयारी भी कर सकेंगे। इससे फायदा यह होगा कि वे इंजीनियरिंग के मिनीमम चार साल के कोर्स को अब साढ़े तीन साल में ही पूरा कर सकेंगे। हालंकि डिग्री उन्हें चार साल में ही मिलेगी। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद बचे छह माह के समय में विद्यार्थी किसी अन्य विषय का अध्ययन भी कर सकते हैं। यह अतिरिक्त अनुभव उन्हें नौकरी दिलाने में भी मददगार साबित होगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) के निर्देश के तहत च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के लागू होने से यह व्यवस्था शुरू हुई है। यह सिस्टम आरजीपीवी से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षण सत्र 2015-16 में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रभावी हो गया है। इस व्यवस्था से इंजीनियरिंग करने वाले ऐसे छात्रों को राहत मिलेगी, जो कुछ विषयों में कमजोर होते हैं। छात्रों के लिए उन विषयों को निर्धारित समय में पूरा करने की बाध्यता नहीं है। इसके साथ ही होशियार छात्र फर्स्ट सेमेस्टर के साथ सेकंड सेमेस्टर के भी कुछ विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही छात्र फर्स्ट सेमेस्टर या अन्य किसी भी सेमेस्टर के पांच विषयों में दो या तीन विषयों को छोड़ भी सकते हैं। इनकी परीक्षा बाद में भी दी जा सकती है। सभी विषयों की परीक्षा एक साथ देना जरूरी नहीं है।

