जबलपुर। 600 करोड़ से ज्यादा के धान घोटाले के व्हिसल ब्लोअर एवं शहपुरा वेयर हाउस प्रबंधक सुरेन्द्र शाक्य की मौत के मामले में पुलिसिया जांच प्रक्रिया से मंत्री विजय शाह नाराज हैं। उनका कहना है कि वो खुद मामले की मॉनीटरिंग कर रहे थे फिर भी जांच किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई। अब वो इस संदर्भ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखने जा रहे हैं।
अब तक नहीं मिली रिपोर्ट
मंत्री शाह ने 3 अगस्त को जबलपुर प्रवास के दौरान खुद आकर मामले पर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से जानकारी मांगी थी। उस समय शुरूआती छानबीन के बाद सुसाइड नोट की जांच और बिसरा लेब भेजने की जानकारी दी गई।
17 सितंबर को दोबारा जब मंत्री का शहर आगमन हुआ तब भी बिसरा की जांच रिपोर्ट या सुसाइड नोट की हकीकत के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
सुसाइड नोट के अलावा किसी भी ऐसे व्यक्ति या अफसर के खिलाफ भी ठोस सबूत पुलिस नहीं जुटा सकी जिससे किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके।
डीजीपी को बता दी हकीकत
गुरुवार को शहर पहुंचने के बाद दोपहर में पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अफसरों से पूरे मामले पर ब्योरा लेने की बात श्री शाह ने बताई। एसपी डॉ. आशीष ने जो कुछ भी बताया उससे श्री शाह को तसल्ली नहीं मिली। यही वजह रही कि एसपी पर नाराजगी भी जताई लेकिन इसके बाद डीजीपी सुरेन्द्र सिंह को फोन पर ही जांच की हकीकत से अवगत करा दिया। साथ ही मामले को गंभीरता से लेने की बात कही गई।
निलंबन की उठी मांग
सूत्रों के मुताबिक भोपाल में शाक्य की मौत के बाद एमडी के निलंबन की मांग उठी। लेकिन चीफ सेकेट्री स्तर पर निलंबन का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सका। क्योंकि अगले तीन चार माह में एमडी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। निलंबन से हटकर उन्हें अटैच करने का निर्णय लिया गया।

