अध्यापकों ने जलाई आदेशों की होली
केसली। आयुक्त लोक षिक्षण संचालनालय व अपर मुख्य सचिव स्कूल षिक्षा विभाग द्वारा आन्दोलनरत अध्यापकों के विरुद्ध कार्यवाही के आदेषों के विरोध में अध्यापकों ने आदेषों की होली जलाई। सात दिनों से जारी हड़तालित अध्यापकों का कहना है कि जब तक सरकार समान कार्य समान वेतन की मंागंे नहीं मानेगी तब तक आन्दोलन जारी रहेगा। आजाद अध्यापक संघ केसली ने भोपाल में हुए लाठीचार्ज की कड़े षब्दों में निंदा की है। आजाद अध्यापक संघ की हड़ताल में षिवहरि पचैरी, संतोष पटैल, राजेष चैबे, लखनलाल सेंतिया, जितेन्द्र सिंह, कृष्णकुमार दांगी, राजकुमार बंसल, मनोज जैन टड़ा, विकास जैन, प्रवीण कोरी, प्रदीप नामदेव, रमाप्रषान्त खैहुरिया, कमलेष पटैरिया, जयेष विल्थरे, कन्हैयालाल सेन, संदीप सोनी, बी. डी. बंसल, अरविन्द साहू, सूर्यकान्त तिवारी, अष्वनी चैब, संजय श्रीवास्तव, अर्जुन पटैल, शोखत खान, रामबाबू दीवान, प्रताप सिंह, अनिल स्रोती, महेन्द सिंह ठाकुर, सुनील दाहिया सहित सैकड़ो की संख्या में अध्यापक हड़ताल में शामिल हंै।
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अध्यापको और सरकार के बीच चल रही इस लड़ाई में सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों की पढ़ाई का हो रहा है। प्रदेश के हजारो स्कूलों में ताले है और लाखों की संख्या में अध्यापक हड़ताल पर।कुछ स्कूलो में वैकल्पिक व्यवस्था बतौर नियमित शिक्षको को भेजा गया पर वे बस स्कूल खोलकर बैठे है।पढ़ाई नाम मात्र की भी नहीं हो रही है। हाई स्कूल हायर सेकंडेरी की त्रैमासिक परीक्षा आंदोलन की बली चढ़ गई। शिवराज कैकयी से कोप भवन में है।शिक्षा मंत्री ने सारा फैसला मुख्यमंत्री के ऊपर छोड़ दिया। अध्यापक टूटने के मूड में नहीं और सरकार झुकने के। कोई मध्यस्थता कर हल निकालने के लिए तैयार नहीं है। सरकार के पास आसान सा रास्ता है।अगर उसकी नियत साफ हो।लाखो अध्यापको के वोट बैंक को साधने का उचित अवसर है।अध्यापक बागी हुए तो चौथी पारी दिवा स्वप्न होगा।सड़क पर उतरे है तो कोई तो दर्द है कोई तो अन्याय है।कोई शोषण है।आंदोलन हवाबाजी में खड़े नहीं होते। अध्यापकों का यह आंदोलन 17 साल के तरह तरह के शोषण की परिणीति है। सरकार छठे वेतन की आख़री किश्त सितम्बर 16 में देने के लिए तैयार है।तो यह किश्त सितम्बर 15 में ही देदे तो छठे वेतन का अभी निर्धारण हो जायेगा।और आंदोलन कारी शायद मान भी जाएँ। जब वेतन सामान हो जाये तो विभाग का नाम बदलना औपचारिकता मात्र है।उस से खजाने पर कोई बोझ नहीं पड़ता। पर सरकार की नियत यहाँ साफ़ नहीं है।सितम्बर 16 वाली किश्त सितम्बर 17 में पूर्ण होगी ।फिर चुनाव आ जायेंगे चार छह माह बाद प्रलोभन देंगे की वोट दो तो सातवे वेतन का लाभ मिलेगा। सातवाँ वोट की शर्त पर होगा। इस बात को अध्यापक भांप गए है। क्योकि 1 जनवरी 16 से सातव वेतनमान लागू हो जायेगा।और अध्यापकों का छठा वेतन 17 में पूर्ण होगा। यह पूरा आंदोलन सरकार की चालाकी और अध्यापकों की समझदारी के बीच से पैदा हुआ है।
इन्द्रजीतसिंह नाथावत
अध्यक्ष
आज़ाद अध्यापक संघ
ब्लॉक बदनावर
षिवपुरीः- पिछले छः दिन से समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर स्कूलों मे ताला डाल धरने पर वैठे अध्यापकों का आंदोलन दिन पे दिन और उग्र होता जा रहा है ंबीते रोज प्रदेष स्तर से आंदोंलनकारी अध्यापकों पर अनुषासनात्मक कार्यवाही व वेतन काटने के आदेष से भयवीत होने की वजाय हड़तालियों ने रविवार को इन आदेषों की होली जला डाली। वहीं दोपहर बाद करीब एक हजार अध्यापकों ने दो पहिया बाहनों से शहर के राजेष्वरी रोड़ गुरू द्वारा चैक माधव चैक कोट रोड़ होते हुये एक विषाल रैली निकाली इस दौरान अध्यापकों ने जमकर नारेबाजी भी की सोमवार का जिले के सभी विकास खण्डों से अध्यापक षिवपुरी पहुॅचेंगे और दोपहर एक बजे मुह पर पट्टी बाॅधकर मौन जुलूस निकालेंगे। अध्यापक संयुक्त मोर्चा का दाबा है कि इस रैली मे करीब चार हजार अध्यापक शामिल होंगे। रविवार को कोलारस नगर परिषद अध्यक्ष रविन्द्र षिवहरे ने भी धरना स्थल पहुॅचकर समर्थन दिया व अध्यापकों की मांगों को जायज ठहराया। इधर अन्य कर्मचारी संगठनों, जिसमें कर्मचारी कांग्रेस, राज्य कर्मचारी संघ, षिक्षक कांग्रेस, षिक्षक संघ ने भी समर्थन दिया हैैैैै।
22 को भोपाल कूच करेंगे अध्यापक
जिले सहित प्रदेष के अध्यापक एक बार फिर भोपाल में जंगी प्रदर्षन करने के लिये तैयारी कर रहे हैं। संयुक्त मोर्चा का दावा है कि 23 सितंवर को भोपाल में होने वाले सामूहिक मार्च में जिले के भी सभी 7200 अध्यापक शामिल होंगे इसके लिये अध्यापक 22 को भोपाल इंटरषिटी से रवाना होंगे जव्कि करैरा, खनियाधाना व पिछोर के अध्यापक वाया झाॅसी होकर भोपाल पहुॅचेंगे।
अध्यापक संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर प्रदेश भर के अध्यापकों ने रविवार से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करते हुये एक बार फिर तिरंगा लेकर भोपाल की गलियों में पैदल मार्च करेंगें और सीएम हाउस का घेराव करेंगें। अध्यापक संयुक्त मोर्चा ने ऐलान किया है कि मांगे नहीं मानी जाने पर 4 अक्टूबर को लाखों की संख्या में अध्यापक दिल्ली के जंतर मंतर में इकठ्ठा होगें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को मन की बात बतायेंगें।
रविवार को जिला मुख्यालय में अध्यापक अपने धरना स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुये सरकार द्वारा अध्यापकों की मांगो पर कोई निर्णय नहीं लिये जाने पर अध्यापकों में गहरा आक्रोश देखा गया इसी के चलते अध्यापकों ने डी.के.सिंगौर,संजीव वर्मा,संतोष सोनी,सागर पटैल,दीपक कछवाहा उदयकांत अवस्थी,आशीष वाजपेयी के नेत्त्व में रैली की शक्ल में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सम्पतिया उइके के निवास पर पंहुचें वहां पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शैलेष मिश्रा भी थे अध्यापकों ने उन्हैं भी घेर लिया।
बदरवास। तहसील प्रांगण में स्थित इच्छापूर्ण षिव मंदिर पर पूजा अर्चना कर अपनी मांग पत्र भगवान शंकर को समर्पित करते हुए सरकार को अध्यापकों की मांगे पूरी करने हेतु सदबुद्धि देने की प्रार्थना की। आज के धरना प्रदर्षन में प्रमुख रूप से गोविन्द अवस्थी, मनीष बैरागी, लक्ष्मण सिंह यादव, लक्ष्मण राठौर, आनन्द शर्मा, चन्द्रवीर सेंगर, नरेन्द्र जाट, प्रतापसिंह जाटव, रविन्द्र चैरसिया, कुलदीप ग्वाल, अटल बझैया, भानुप्रताप यादव, षिवनन्दन लोधी, भुवानसिंह, रघुनाथ जाटव, भोलूराम, रघुवीरसिंह, सीताराम प्रजापति, संजय दुबे, धर्मेन्द्र रघुवंषी, हेमन्त अग्रवाल, महेन्द्र यादव, बद्री यादव, घनष्यामसिंह, बालकिषन जाटव, राकेष अहिरवार, बीरेन्द्र तिरकी, पर्वतसिंह, धर्मपाल यादव, जगन्नाथ जाटव, ललषुराम, भीकमसिंह, राजकुमार रघुवंषी आदि उपस्थित रहें।
अनूपपुर। अध्यापक विरोधी आदेश की प्रतियां आज उत्कृष्ट विद्यालय के मैदान में जलाई गई। इनका कहना है कि एक ओर उ.प्र. के शिक्षा मित्रों से देश के प्रधानमंत्री उ.प्र. सरकार से बात करने के लिऐ कहते है वहीं दूसरी ओर म.प्र. में उनकी स्वयं की सरकार है जहां पुलिस प्रशासन अध्यापकों को गिराकर उनके सिर पर लात रखता है और शिवराज सरकार उस पुलिस वालों पर कोई कार्यवाही नही करती है।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर में अध्यापकों ने रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। रैली जनपद पंचायत सीईओ निवास सामने स्थित धरनास्थल से बस स्टैण्ड से होती हुई एसडीएम निवास आई। यहाँ एसडीएम एचके धुर्वे ने प्रदर्शनकारी अध्यापकों से एक ज्ञापन लिया। ज्ञापन देनेवालों में राजेंद्र पटेल ,दिलीप इक्का ,दयाशंकर गुप्ता ,कुबेरपाल अहिरवार ,पंकज त्रिपाठी ,बहादुर सिंह ,अनीता प्रजापति , कुशवाहा ,प्रीति राय , लगभग चार दर्जन अध्यापकों ने हिस्सा लिया। अपनी विभिन्न माँगों लेकर अध्यापक वर्ग एकजुट दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही शासकीय महाविद्यालय लवकुशनगर अतिथि विद्वानों डॉ दिनेश कुमार राय ,डॉ अभय कुमार ,डॉ भारत चौरसिया ,डॉ अमर दीप सोनी ,डॉ राजेंद्र प्रसाद और मितेन्द्र सिंह सेंगर ने आंदोलनकारी अध्यापकों समर्थन में उतरे।
इधर अध्यापक संयुक्त मोर्चा संघ को नगर परिषद कोलारस अध्यक्ष रविन्द्र शिवहरे ने अपना समर्थन दिया तथा वे करीब एक घंटे तक धरना स्थल पर बैठे रहे। उन्होंने अध्यापकों की जायज मांगों को सही ठहराया और उन्होंने कहा कि हम इन मांगों के लिए तन मन से समर्थन करते हैं। आपकी जायज मांगों के लिए यदि मुझे आमरण अनशन भी करना पड़े तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।
नहीं झुकेंगे
NITESH TIWARI: आज सामूहिक अवकाश के 4 दिन निकल जाने के बाद भी सरकार अध्यापको की कोई सुध नही ले रही है ।न तो उन्हें अध्यापको की फ़िक्र है और ना ही विद्यार्थीयो की,बल्कि वो तो अहिंसक आन्दोलन कर रहे है अध्यापको पर लाठिया बरसा रही है इसी के विरोध में आज चौथे दिन ब्लाक खातेगाँव जिला देवास में आजाद अध्यापक संघ के आह्वान पर ब्लाक अध्यक्ष दिनेश विश्नोई के नेतृत्व में श्रीमान एस डी एम महोदय को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जिसमे ब्लाक के सभी अध्यापको ने हिस्सा लिया।niteshtiwari.nits@gmail.com
23 सितम्बर को होगा विधानसभा का घेराव
अध्यापकों का प्रांतव्यापी आंदोलन 14 सितम्बर से चल रहा है। प्रदेश के लाखो अध्यापक हड़ताल पर है। लोकशिक्षण आयुक्त और प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग के वेतन काटने और अनुशासनात्मक कारवाही के आदेश से अध्यापक जरा भी डरे सहमें नहीं बल्कि आंदोलन ने विराट रूप ले लिया। सभी अध्यापको ने मिलकर संयुक्त मोर्चा बना लिया। संयुक्त मोर्चा बनने से अध्यापको की ताकत दोगनी हो गई। सरकार बैक फुट पर आ गई। संयुक्त मोर्चे ने अपनी रणनीति तय कर ली। बाईस सितम्बर की कैबिनेट बैठक में निर्णय अध्यापको के पक्ष में नहीं होता तो 23 को विधानसभा का घेराव होगा और दिल्ली कूच कर प्रदर्शन करेंगे और प्रधानमंत्री जी का सहयोग लेकर मांगो का निराकरण करेंगे।अध्यापको और सरकार के बीच चल रही इस लड़ाई में सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों की पढ़ाई का हो रहा है। प्रदेश के हजारो स्कूलों में ताले है और लाखों की संख्या में अध्यापक हड़ताल पर।कुछ स्कूलो में वैकल्पिक व्यवस्था बतौर नियमित शिक्षको को भेजा गया पर वे बस स्कूल खोलकर बैठे है।पढ़ाई नाम मात्र की भी नहीं हो रही है। हाई स्कूल हायर सेकंडेरी की त्रैमासिक परीक्षा आंदोलन की बली चढ़ गई। शिवराज कैकयी से कोप भवन में है।शिक्षा मंत्री ने सारा फैसला मुख्यमंत्री के ऊपर छोड़ दिया। अध्यापक टूटने के मूड में नहीं और सरकार झुकने के। कोई मध्यस्थता कर हल निकालने के लिए तैयार नहीं है। सरकार के पास आसान सा रास्ता है।अगर उसकी नियत साफ हो।लाखो अध्यापको के वोट बैंक को साधने का उचित अवसर है।अध्यापक बागी हुए तो चौथी पारी दिवा स्वप्न होगा।सड़क पर उतरे है तो कोई तो दर्द है कोई तो अन्याय है।कोई शोषण है।आंदोलन हवाबाजी में खड़े नहीं होते। अध्यापकों का यह आंदोलन 17 साल के तरह तरह के शोषण की परिणीति है। सरकार छठे वेतन की आख़री किश्त सितम्बर 16 में देने के लिए तैयार है।तो यह किश्त सितम्बर 15 में ही देदे तो छठे वेतन का अभी निर्धारण हो जायेगा।और आंदोलन कारी शायद मान भी जाएँ। जब वेतन सामान हो जाये तो विभाग का नाम बदलना औपचारिकता मात्र है।उस से खजाने पर कोई बोझ नहीं पड़ता। पर सरकार की नियत यहाँ साफ़ नहीं है।सितम्बर 16 वाली किश्त सितम्बर 17 में पूर्ण होगी ।फिर चुनाव आ जायेंगे चार छह माह बाद प्रलोभन देंगे की वोट दो तो सातवे वेतन का लाभ मिलेगा। सातवाँ वोट की शर्त पर होगा। इस बात को अध्यापक भांप गए है। क्योकि 1 जनवरी 16 से सातव वेतनमान लागू हो जायेगा।और अध्यापकों का छठा वेतन 17 में पूर्ण होगा। यह पूरा आंदोलन सरकार की चालाकी और अध्यापकों की समझदारी के बीच से पैदा हुआ है।
इन्द्रजीतसिंह नाथावत
अध्यक्ष
आज़ाद अध्यापक संघ
ब्लॉक बदनावर
शिवपुरी में वाहन रैली निकाली
षिवपुरीः- पिछले छः दिन से समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर स्कूलों मे ताला डाल धरने पर वैठे अध्यापकों का आंदोलन दिन पे दिन और उग्र होता जा रहा है ंबीते रोज प्रदेष स्तर से आंदोंलनकारी अध्यापकों पर अनुषासनात्मक कार्यवाही व वेतन काटने के आदेष से भयवीत होने की वजाय हड़तालियों ने रविवार को इन आदेषों की होली जला डाली। वहीं दोपहर बाद करीब एक हजार अध्यापकों ने दो पहिया बाहनों से शहर के राजेष्वरी रोड़ गुरू द्वारा चैक माधव चैक कोट रोड़ होते हुये एक विषाल रैली निकाली इस दौरान अध्यापकों ने जमकर नारेबाजी भी की सोमवार का जिले के सभी विकास खण्डों से अध्यापक षिवपुरी पहुॅचेंगे और दोपहर एक बजे मुह पर पट्टी बाॅधकर मौन जुलूस निकालेंगे। अध्यापक संयुक्त मोर्चा का दाबा है कि इस रैली मे करीब चार हजार अध्यापक शामिल होंगे। रविवार को कोलारस नगर परिषद अध्यक्ष रविन्द्र षिवहरे ने भी धरना स्थल पहुॅचकर समर्थन दिया व अध्यापकों की मांगों को जायज ठहराया। इधर अन्य कर्मचारी संगठनों, जिसमें कर्मचारी कांग्रेस, राज्य कर्मचारी संघ, षिक्षक कांग्रेस, षिक्षक संघ ने भी समर्थन दिया हैैैैै।
22 को भोपाल कूच करेंगे अध्यापक
जिले सहित प्रदेष के अध्यापक एक बार फिर भोपाल में जंगी प्रदर्षन करने के लिये तैयारी कर रहे हैं। संयुक्त मोर्चा का दावा है कि 23 सितंवर को भोपाल में होने वाले सामूहिक मार्च में जिले के भी सभी 7200 अध्यापक शामिल होंगे इसके लिये अध्यापक 22 को भोपाल इंटरषिटी से रवाना होंगे जव्कि करैरा, खनियाधाना व पिछोर के अध्यापक वाया झाॅसी होकर भोपाल पहुॅचेंगे।
प्रांतीय आव्हान पर ही हड़ताल में भाग लेगा राज्य अध्यापक संघ झाबुआ
आज राज्य अध्यापक संघ की ब्लाक शाखा झाबुआ की एक बैठक स्थानीय सरस्वती शिशु मन्दिर में आयोजित की गई जिसमे सबसे पहले पेटलावद ब्लास्ट में मारे गए सभी लोगो को श्रदांजली दी गई। उसके बाद ब्लाक शाखा की विधिवत बैठक आयोजित की गई जिसमे सभी अध्यापको के विचार जानने के बाद उपस्थित अभी अध्यापको ने निर्णय लिया की जब तक राज्य अध्यापक संघ का प्रांतीय आव्हान नही होता हे तब तक राज्य अध्यापक संघ ब्लाक शाखा झाबुआ अध्यापको की हड़ताल में भाग नही लेगी। केवल आंदोलन कर रहे अध्यापको को अपना नेतिक समर्थन ही देगी। राज्य अध्यापक ब्लाक शाखा झाबुआ द्वारा भोपाल में आन्दोलनरत अध्यापको पर प्रशाशन द्वारा किये गए लाठीचार्ज की निंदा की गई हे । राज्य अध्यापक संघ झाबुआ शाखा द्वारा हड़ताल में भाग लेने संबध जब तक प्रांतीय अध्यक्ष श्री मुरलीधर पाटीदार द्वारा एलान नही किया जाता हे तब तक हड़ताल में भाग नही लेगा। आज की बैठक में ब्लाक अध्यक्ष मनवेल भूरिया, गजेन्द्र सिंह चन्द्रावत, महेन्द्रसिंह गेहलोद, विवेक दुबे, नानसिंह बारिया, सीताराम भूरिया, जान भाबोर, मनीष सोनी, बाबू भरिया, सुनील सिंगार, सीमा चौहान, यशोदा वसावा, दरियाव सीह, अब्दुल करीम,अब्दुल हमीद खान, दिनेश चौहान आदि अध्यापको ने भाग लेकर अपने विचार रखे थे।मझौली के अध्यापकों का केंडलमार्च
मझौली। मझौली ब्लाॅंक के अध्यापक संविदा शिक्षक साथियों ने रविवाद को बैठक की। बैठक की अध्यक्षता ब्लाॅंक अध्यक्ष पद्मधर द्विवेदी द्वारा की गई। भोपाल में अध्यापकों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था जिसको दमनकारी रवैया अपनाते हुये म0प्र0 शासन ने लाठी चार्ज कराया। बैठक में उपस्थित अध्यापक निन्दा प्रस्ताव पास कर लाठीचार्ज का विरोध किया तथा यह निर्णय लिया गया कि दिनाॅंक 21/09/2015 को मा0वि0 बालक मझौली के पास एकत्र होकर पक्तिवद्ध पैदल चलकर तहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जायेगा। उपस्थित अध्यापकों ने कैण्डल मार्च में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने के लिए अध्यापक, संविदा शिक्षक साथियों से अपील की।मंडला में अध्यापकों ने जिला पंचायत अध्यक्ष को घेरा
अध्यापक संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर प्रदेश भर के अध्यापकों ने रविवार से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करते हुये एक बार फिर तिरंगा लेकर भोपाल की गलियों में पैदल मार्च करेंगें और सीएम हाउस का घेराव करेंगें। अध्यापक संयुक्त मोर्चा ने ऐलान किया है कि मांगे नहीं मानी जाने पर 4 अक्टूबर को लाखों की संख्या में अध्यापक दिल्ली के जंतर मंतर में इकठ्ठा होगें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को मन की बात बतायेंगें।
रविवार को जिला मुख्यालय में अध्यापक अपने धरना स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुये सरकार द्वारा अध्यापकों की मांगो पर कोई निर्णय नहीं लिये जाने पर अध्यापकों में गहरा आक्रोश देखा गया इसी के चलते अध्यापकों ने डी.के.सिंगौर,संजीव वर्मा,संतोष सोनी,सागर पटैल,दीपक कछवाहा उदयकांत अवस्थी,आशीष वाजपेयी के नेत्त्व में रैली की शक्ल में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सम्पतिया उइके के निवास पर पंहुचें वहां पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शैलेष मिश्रा भी थे अध्यापकों ने उन्हैं भी घेर लिया।
बदरवास में शिवराज सदबुद्धि के लिए शिवमंदिर में आराधना
बदरवास। तहसील प्रांगण में स्थित इच्छापूर्ण षिव मंदिर पर पूजा अर्चना कर अपनी मांग पत्र भगवान शंकर को समर्पित करते हुए सरकार को अध्यापकों की मांगे पूरी करने हेतु सदबुद्धि देने की प्रार्थना की। आज के धरना प्रदर्षन में प्रमुख रूप से गोविन्द अवस्थी, मनीष बैरागी, लक्ष्मण सिंह यादव, लक्ष्मण राठौर, आनन्द शर्मा, चन्द्रवीर सेंगर, नरेन्द्र जाट, प्रतापसिंह जाटव, रविन्द्र चैरसिया, कुलदीप ग्वाल, अटल बझैया, भानुप्रताप यादव, षिवनन्दन लोधी, भुवानसिंह, रघुनाथ जाटव, भोलूराम, रघुवीरसिंह, सीताराम प्रजापति, संजय दुबे, धर्मेन्द्र रघुवंषी, हेमन्त अग्रवाल, महेन्द्र यादव, बद्री यादव, घनष्यामसिंह, बालकिषन जाटव, राकेष अहिरवार, बीरेन्द्र तिरकी, पर्वतसिंह, धर्मपाल यादव, जगन्नाथ जाटव, ललषुराम, भीकमसिंह, राजकुमार रघुवंषी आदि उपस्थित रहें।
मोदी यूपी की चिंता करते हैं तो एमपी की क्यों नहीं
अनूपपुर। अध्यापक विरोधी आदेश की प्रतियां आज उत्कृष्ट विद्यालय के मैदान में जलाई गई। इनका कहना है कि एक ओर उ.प्र. के शिक्षा मित्रों से देश के प्रधानमंत्री उ.प्र. सरकार से बात करने के लिऐ कहते है वहीं दूसरी ओर म.प्र. में उनकी स्वयं की सरकार है जहां पुलिस प्रशासन अध्यापकों को गिराकर उनके सिर पर लात रखता है और शिवराज सरकार उस पुलिस वालों पर कोई कार्यवाही नही करती है।
लवकुशनगर में रैली निकाली सौंपा ज्ञापन
छतरपुर जिले के लवकुशनगर में अध्यापकों ने रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। रैली जनपद पंचायत सीईओ निवास सामने स्थित धरनास्थल से बस स्टैण्ड से होती हुई एसडीएम निवास आई। यहाँ एसडीएम एचके धुर्वे ने प्रदर्शनकारी अध्यापकों से एक ज्ञापन लिया। ज्ञापन देनेवालों में राजेंद्र पटेल ,दिलीप इक्का ,दयाशंकर गुप्ता ,कुबेरपाल अहिरवार ,पंकज त्रिपाठी ,बहादुर सिंह ,अनीता प्रजापति , कुशवाहा ,प्रीति राय , लगभग चार दर्जन अध्यापकों ने हिस्सा लिया। अपनी विभिन्न माँगों लेकर अध्यापक वर्ग एकजुट दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही शासकीय महाविद्यालय लवकुशनगर अतिथि विद्वानों डॉ दिनेश कुमार राय ,डॉ अभय कुमार ,डॉ भारत चौरसिया ,डॉ अमर दीप सोनी ,डॉ राजेंद्र प्रसाद और मितेन्द्र सिंह सेंगर ने आंदोलनकारी अध्यापकों समर्थन में उतरे।
कोलारस में नगर परिषद अध्यक्ष ने दिया समर्थन
कोलारस। कोलारस तहसील मुख्यालय पर अध्यापकों का सामूहिक अनिश्चित कालीन धरना जारी है। अध्यापक अब आर या पार की लड़ाई के मूड़ में आ गए हैं और वे मांगों को मनवाने के लिए धरना स्थल पर डटे हुए हैं। साथ ही पूरे प्रदेश में अध्यापकों को नेताओं का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।इधर अध्यापक संयुक्त मोर्चा संघ को नगर परिषद कोलारस अध्यक्ष रविन्द्र शिवहरे ने अपना समर्थन दिया तथा वे करीब एक घंटे तक धरना स्थल पर बैठे रहे। उन्होंने अध्यापकों की जायज मांगों को सही ठहराया और उन्होंने कहा कि हम इन मांगों के लिए तन मन से समर्थन करते हैं। आपकी जायज मांगों के लिए यदि मुझे आमरण अनशन भी करना पड़े तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।





