लखनऊ। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सहारा इंडिया की होल्डिंग कंपनी सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईएफसीएल) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई के गैर बैंकिंग निगरानी विभाग ने यह फैसला कानपुर में लिया।
इससे पहले फरवरी में सेबी ने सहारा असेट मैनेजमेंट कंपनी का पोर्टफोलियो मैनेजर के तौर पर रजिस्ट्रेशन को रद्द करने का आदेश दिया था। उसके बाद जुलाई में सेबी ने सहारा ग्रुप को अपने म्युचुअल फंड्स से जुड़ा बिजनेस किसी दूसरी कंपनी को जल्द सौंपने के निर्देश दिए थे। सहारा और सेबी के बीच बीते एक साल से विवाद चल रहा है। निवेशकों का पैसा न लौटाने की वजह से सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय एक साल से ज्यादा वक्त से जेल में हैं।
आरबीआई ने सहारा की कई अनियमितताएं और वित्तीय नियमों की अनदेखी किए जाने की वजह से उस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। आरबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि इस फैसले की एक कॉपी सहारा इंडिया के लखनऊ स्थित कपूरथला मुख्यालय भेज दी गई है। इस फैसले के बाद सहारा इंडिया किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन नहीं कर पाएगी। इससे पहले आरबीआई ने 2008 में कंपनी के चिटफंड कारोबार पर भी रोक लगा दी थी। सहारा ग्रुप, सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिए ही निवेश जुटाकर मीडिया, रियल एस्टेट और सहारा परिवार की कंपनियों को ट्रांसफर किया जाता था। आरबीआई के ताजा फैसले से माना जा रहा है कि समूह की रीढ़ पूरी तरह टूट जाएगी।

