भोपाल। मप्र में इन दिनों कांग्रेस महासचिव एवं मप्र प्रभारी मोहन प्रकाश के खिलाफ पोलखोल अभियान चल रहा है। बताया जा रहा है कि अपने प्रभारी होने का फायदा उठाते हुए उन्होंने कई ऐसे काम किए हैं जिससे कांग्रेस गर्त में चली गई।
शुक्रवार को जबलपुर के कुछ नेता राजधानी आकर मोहन प्रकाश की असली सूरत मीडिया के सामने पेश करने वाले थे। जैसे ही यह भनक मोहन प्रकाश को लगी उन्होंने किलाबंदी शुरू कर दी। एआईसीसी नई दिल्ली से जबलपुर के कमलनाथ समर्थकों को सीधे फोन पहुंचे। इस फोन पर दिल्ली ने उन्हें समझाया भी और धमकाया भी। अंतत: मोहन प्रकाश का असली चेहरा पर्दे के पीछे ही रह गया।
जबलपुर शहर से कांग्रेस नेता संजय यादव, आलोक मिश्रा, आलोक चंसोरिया, सम्मति सैनी, राममूर्ति मिश्रा गुरुवार को भोपाल पहुंचे। प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश पर संगठन को कमजोर करने और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रेस कॉन्फेंस करने का निर्णय लिया। दोपहर तक पूरी तैयारी कर ली गई पत्रकार भी पहुंचने वाले थे, लेकिन तभी दिल्ली से फोन आ गया। कहा गया कि इस अंदरूनी मामले यदि दिल्ली में सही मंच पर न रखकर प्रेस के सामने रखा गया तो सभी का निलंबन तय है। इसके बाद सभी ने तय किया कि वे प्रेस कान्फ्रेंस नहीं करेंगे।

