भोपाल। शहर के विभिन्न लाइसेंसयुक्त बंदूकधारियों को दिए गए 90 हजार कारतूस गायब हो गए हैं। इन कारतूसों का किसी के पास कोई हिसाब नहीं है। कोई भी अधिकारी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा है कि इन कारतूसों का क्या हुआ। किसी शादी समारोह में हर्ष फायर हुए, या जानवरों के शिकार में खर्च कर दिए गए या फिर अंडरवर्ल्ड को सप्लाई हो गए।
नियम के अनुसार किसी शस्त्रधारी को कारतूस तब ही दिए जा सकते हैं, जब उसने चलाए हुए कारतूसों का हिसाब पुलिस और जिला प्रशासन के अलावा शस्त्र विक्रेता को दिया हो। लाइसेंसी बंदूक रखने वाले को पुलिस थाने में गोली चलाने के बाद खाली खोखा भी देना होता है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में ही 8 हजार 600 हथियारों के लाइसेंस हैं, जिनमें बंदूक, रिवाल्वर और पिस्टल शामिल हैं। इन हथियारों को रखने वालों को जरूरत के हिसाब से एक साल में 30 से 50 कारतूस दिए जा सकते हैं।

