राजदंड का गर्व, राज- धर्म और जादू की छड़ी

Updesh Awasthee
राकेश दुबे@प्रतिदिन। राजस्थान के नागौर जिले के डांगावास और आसपास के गांवों में हजारों दलितों ने अपना घर छोड़ दिया है, सब ओर दहशत का माहौल है। दशकों पुराने जमीन विवाद पर बीते गुरुवार ऐसा खूनी संघर्ष हुआ कि तीन दलितों को ट्रैक्टर से कुचल दिया गया। महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई। एक महिला की आंख में नुकीली लकड़ी घुसा दी गई, एक को निर्वस्त्र करने की कोशिश की गई। 

लगभग 200 हथियारबंद सवर्ण दलितों को मार डालने पर उतारू थे। एक पीडि़त महिला के मुताबिक हम जहां भी छिपते वहां ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की जाती। छत पर छिपे तो घर ही ढहा दिया। कई घायल इस वक्त अजमेर के अस्पताल में भर्ती किए गए हैं और मृतकों का अंतिम संस्कार भारी तनाव के माहौल में पुलिस बल की मौजूदगी में किया गया। यह घटना 25 बीघा जमीन के विवाद पर बुलाई गई पंचायत के दौरान हुई, जिसमें सवर्णों ने दलितों पर हमला शुरु किया। इस भयंकर घटना के बाद भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का दलितों के लिए कोई आश्वस्तकारी बयान सुनने में नहींआया है, अलबत्ता घटना के तीन दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहींहुई, इस पर राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना था कि उनके पास कोई जादू की छड़ी तो है नहीं कि आरोपियों को तुरंत पकड़ लें। 

फिर वे यह भी कहते हैं कि पुलिस ने आरोपियों को नामजद कर लिया है, अपराधी भागकर जाएंगे कहां, पकड़ाई में आ ही जाएंगे। कमाल यह है कि बिना जादू की छड़ी वाली सरकार और पुलिस ने 14 नामजद आरोपियों में से एक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली है। हालांकि बाकियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। जो दबंग जाति के घमंड में खुलेआम ट्रैक्टर से लोगों को कुचलने और मारपीट करने का दुस्साहस रखते हैं, वे पुलिस की गिरफ्त से बच कर और भी हिंसक कारनामे कर सकते हैं। क्योंकि उन्हें कानून का भय नहींहै और कानून का राज स्थापित करने की जिम्मेदारी जिन पर है वे संविधान प्रदत्त अधिकारों की ताकत की जगह जादू की छड़ी पर अधिक विश्वास करते दिखते हैं। 

श्री राकेश दुबे वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं।
संपर्क  9425022703
rakeshdubeyrsa@gmail.com

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