पढ़िए मुसलमानों के मतधिकार पर मंडे को क्या क्या हुआ

Updesh Awasthee
नई दिल्ली। शिवसेना की संडे की विवादित मांग ने सोमवार को सियासी प्याले में तूफान ला दिया है। सामना में संजय राउत के आर्टिकल से मुस्लिम संगठनों में उबाल आ गया है और सरकार को जवाब देते नहीं बन रहा है।

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए न केवल कार्रवाई की मांग की बल्कि भड़काऊ बयान भी दे डाला। वहीं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सरकार से इस मुद्दे पर रुख साफ करने की मांग की है।

आम आदमी पार्टी ने तो शिवसेना के मुखपत्र के प्रकाशन पर रोक लगाने और राउत की गिरफ्तारी की मांग कर डाली है। सरकार और बीजेपी ने विवादास्पद बयान से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि ऐसे विचार 'अस्वीकार्य' और संविधान के खिलाफ हैं क्योंकि धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।

संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार संविधान के तहत सभी अधिकारों की सुरक्षा करने को प्रतिबद्ध है। एक कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह राउत के बयान पर उठे विवाद से दामन बचाते नजर आए।

ओवैसी ने की कार्रवाई की मांग
एमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बीजेपी इस बयान से खुद को अलग नहीं कर सकती। ओवैसी ने कहा, 'अगर मुसलमानों को छोड़ भी दें, तब भी उन्हें किसी भारतीय का मताधिकार समाप्त करने की मांग करने का कोई अधिकार नहीं है।'

हैदराबाद के सांसद ने जानना चाहा, 'हिन्दुत्ववादी ताकतों के असल अजेंडे का अब पर्दाफाश हो गया है। उनकी विचारधारा घृणा को बढ़ावा देने की है। शिवसेना केवल बीजेपी की सहयोगी ही नहीं है बल्कि वे सत्ता में साझेदार भी हैं। अब क्या सत्तारुढ़ पार्टी बीजेपी समान विचार रखती है?'

ओवैसी ने कहा कि राउत के बयान से केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला और मुख्तार अब्बास नकवी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है, क्योंकि अगर राउत की दलील के अनुरूप काम हो तब इन दोनों के मतदान के अधिकार समाप्त हो जाएंगे।

राजनाथ ने साधी चुप्पी
राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देने से बचते हुए राजनाथ ने मीडिया से कहा, 'छुआछूत खत्म होनी चाहिए।' यह पूछे जाने पर कि क्या 'राजनीति में छुआछूत' खत्म होनी चाहिए, उन्होंने दोहराया, 'छुआछूत खत्म होनी चाहिए।' वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने 'सामना' के संपादकीय की आलोचना करते हुए उसे समाज को बांटने वाला करार दिया।

सरकार रुख साफ करे : उलेमा
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने तल्ख लहजे में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करना चाहिए। जमीयत उलमा-ए-हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी ने कहा कि मुसलमानों से मताधिकार छीनने की बात किए जाने से यह साफ हो गया है कि शिवसेना और फिरकापरस्त ताकतें संविधान को आग लगाकर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिश में लगी हैं।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि राउत रोग का इलाज करने के लिए इंसान का कत्ल करने की वकालत कर रहे हैं। अब्बास ने कहा, 'इस तरह के बयानों से मुल्क टूटता है, जुड़ता नहीं। सबका साथ सबका विकास की बात करने वाले प्रधानमंत्री मोदी के सहयोगी लोग ही ऐसे बयान दे रहे हैं, यह बड़े अफसोस की बात है।'

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि आम हिन्दुस्तानी शहरी को वोट देने का संवैधानिक हक है।

शिबली एकेडमी के उपप्रमुख मौलाना उमेर अल सिद्दीक ने कहा कि शिवसेना सांसद ने हर मामले में पिछड़ चुके मुसलमानों से उनका आखिरी हथियार भी छीनने की बात कही है, जो अत्यन्त अन्यायपूर्ण है।

राउत व ओवैसी के खिलाफ कोर्ट में शिकायत
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने शिवसेना सांसद एवं पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादक संजय राउत तथा एमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ लखनऊ लोकल कोर्ट में शिकायत दायर की। सीजेएम सुनील कुमार के समक्ष शिकायत दाखिल की गई।

राउत ने कहा था
अगर मुसलमानों का इस्तेमाल केवल राजनीति करने के लिए किया जा रहा है तो उनका कभी विकास नहीं हो सकता। जब तक मुस्लिमों का इस्तेमाल वोट बैंक की राजनीति के लिए होता रहेगा, उनका कोई भविष्य नहीं होगा और इसलिए बालासाहब ने एक बार कहा था कि मुस्लिमों का मताधिकार वापस लिया जाए। उन्होंने सही कहा था।

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