तीसरे दिन तीसरा हमला: क्या ये युद्ध का ऐलान है

Updesh Awasthee
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में तीन दिन में लगातार तीसरी बार नक्सली हमला किया गया है. शनिवार को सुकमा में घात लगाकर सात पुलिसकर्मि‍यों की हत्या के बाद सोमवार सुबह कांकेर में हमला किया गया, वहीं अब नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में तीसरा बड़ा हमला किया है. यहां बारूदी सुरंग में विस्फोट किया है, जिसमें 5 जवान शहीद हो गए हैं। आलोचक समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर यह लगातार ही क्यों हो रहा है। यह एक इत्तेफाक है या युद्ध का ऐलान। वो आखिर संदेश क्या देना चाहते हैं।

नक्सल विरोधी अभियान के एडिशनल डीजी आरके विज ने बताया कि दंतेवाड़ा में हुए ताजा नक्सली हमले में 5 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 9 अन्य घायल हो गए हैं. पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इससे कुछ नक्सलियों ने सोमवार सुबह कांकेर जिले के पाखनजोर इलाके के छोटबतिया वन क्षेत्र स्थित बीएसएफ के शिविर में घुसने की कोशिश की. विज ने कहा, 'जब नक्सलियों ने बीएसएफ के शिविर में घुसने की कोशिश की, तब सतर्क जवानों ने नक्सलियों पर गोलीबारी की. इस हमले में एक जवान शहीद हो गया.'

एक नक्सली का शव मिला
विज ने बताया कि कांकेर हमले के बाद चलाए गए अभियान में शिविर के नजदीक एक नक्सली का शव भी पाया गया और 20 किलोग्राम भार वाले तीन देसी बम मिले हैं. पुलिस थाने पर सुरक्षा चाक-चौबंद है और बस्तर में नक्सल प्रभावित इलाके में अर्ध-सैनिक बल तैनात हैं.

गौरतलब है‍ कि सुकमा जिले में शनिवार को विशेष कार्यबल के सात पुलिसकर्मियों को नक्सलियों ने गोलियों से भून दिया था, जबकि 12 अन्य को घायल कर दिया था. यह हमला उस वक्त हुआ, जब एसटीएफ कर्मी एक जंगल में तलाशी अभियान पर थे. रविवार को कांकेर में नक्सलियों ने दो दर्जन से अधिक गाड़ि‍यों को भी आग लगा दी. नक्सलियों ने खनन कार्य में लगे ट्रक, डंपर और अन्य कर्मशियल गाड़ियों को अपना निशाना बनाया. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.

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