100 साल की उम्र में तैराकी का जुनून, वर्ल्डरिकार्ड भी बनाए

Updesh Awasthee
टोक्यो। जापान की 100 वर्षीय तैराक मिएको नागाओका ने मात्सूयामा शहर में हुए मास्टर्स मीट की 1,500 मीटर कॉम्पटीशन में हिस्सा लिया और उसे एक घंटा 15 मिनट 54.39 सेकेंड में पूरा भी किया। मीडिया में रविवार को आई एक रपट से यह जानकारी मिली। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार नागाओका ने शनिवार को यह कारनामा किया।

नागाओका को शुरू से तैराकी नहीं आती थी, बल्कि घुटने के व्यायाम के लिए वह स्वीमिंग पूल आती थीं। 82 वर्ष की उम्र में नागाओका ने खुद से तैराकी सीखना शुरू किया और इसमें उन्हें अपनी पारंपरिक नृत्य कला 'नोह' से भी काफी मदद मिली।

इसके साथ ही नागाओका जापान की सबसे बुजुर्ग महिला तैराक भी बन गईं, साथ ही उन्होंने फीना मास्टर्स विश्व चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। नागाओका ने 84 वर्ष की आयु में जापान के लिए मास्टर्स मीट में हिस्सा लेना शुरू किया।

नागाओका ने 88 की अवस्था में 2002 में न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुए मास्टर्स वर्ल्ड में पहली बार हिस्सा लिया और 50 मीटर बैकस्ट्रोक कॉम्पटीशन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने में भी सफल रहीं। नागाओका का सफर हालांकि अभी और ऊंचाइयों पर पहुंचा, जब 2004 में उन्होंने इटली के रिक्कीवन में 50 मीटर, 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाओं में तीन सिल्वर मेडल जीत लिए।

नागाओका 90 साल की आयु में 800 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर जापान में राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात हो गईं। अपनी इस सफलता से उत्साहित नागाओका ने कोच के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेना शुरू किया और अपने प्रदर्शन में और निखार लाने में जुट गईं।

उनकी यह मेहनत 95 वर्ष की उम्र में रंग लाई और उन्होंने मास्टर्स वर्ल्ड के 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड बना डाला। नागाओका के नाम आज 24 विश्व रिकॉर्ड हैं और आने वाले समय में वह और भी कई पदक एवं तमगे हासिल करना चाहती हैं।

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