मुरैना। अस्पताल प्रबंधन अस्पताल परिसर में नवजात बालिका को फेंकने के मामले में उन प्रसूता महिलाओं की डीएनए जांच कराएगा, जिन्होंने सरकारी व निजी अस्पतालों में बालिका को जन्म दिया है और बालिका उनके पास नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों से उन महिलाओं की सूची मंगा ली है, जिन्होंने पिछले चार दिन में बच्ची को जन्म दिया है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार शुक्रवार रात में अस्पताल परिसर में अज्ञात महिला मेटरनिटी वार्ड के बाहर चबूतरे के पास नवजात बालिका को ठंड में फेंक दिया था। बाद में इलाज के दौरान नवजात बालिका की मौत हो गई।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि बालिका का जन्म अस्पताल में नहीं हुआ है। किसी महिला ने घर पर बच्ची को जन्म दिया है और उसे अस्पताल परिसर में फेंक दिया है, जिससे यह पता नहीं चलेगा कि बच्ची किसकी है। क्योंकि अस्पताल में रोजाना कई बच्चे पैदा होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने जिला अस्पताल सहित शहर के सभी अस्पतालों में पैदा हुई बच्चियों की जानकारी संकलित की है। साथ ही प्रसूता महिलाओं के पते भी एकत्रित किए हैं। इसके बाद हर महिला के पास जाकर नवजात की स्थिति का पता किया जाएगा। यदि किसी महिला के पास बच्ची नहीं मिलती है तो उसकी डीएनए जांच कराई जाएगी और बच्ची के डीएनए से मिलाया जाएगा। यदि डीएनए एक जैसा पाया जाएगा तो महिला के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन बच्ची फेंके जाने के मामले के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है, जिससे आगामी समय में ऐसी कोई घटना हो। साथ ही अस्पताल परिसर में सीसी टीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। जिससे अस्पताल में आने जाने वालों को पूरी तरह से नजर रखी जा सके।
जिला अस्पताल व निजी अस्पताल में पिछले चार दिन में जिन महिलाओं ने बच्चियों को जन्म दिया है। उनकी सूची व पते मंगा लिए हैं। अब पुलिस की मदद से सभी महिलाओं को चेक किया जाएगा। यदि किसी के पास बच्ची नहीं मिलती है तो उसका डीएनए जांच कराया जाएगा।
डॉ. जीएस तोमर
आरएमओ, जिला अस्पताल मुरैना
