भोपाल। राज्य सरकार हर साल लाखों लोगों को सरकारी नौकरी देने का दावा कर रही है, बावजूद इसके अभी भी 21 हजार बैकलॉग के पद खाली है। ये पद प्रथम श्रेणी से लेकर चतुर्थ श्रेणी के है।
इसमें सबसे ज्यादा 5 हजार 314 पद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में है। इसके अलावा सीधी भर्ती के कुल 22 हजार 723 पद खाली है। वहीं, करीब दस हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। यह खुलासा सामान्य प्रशासन विभाग के आरक्षण प्रकोष्ठ के उन्नीसवें सालाना प्रतिवेदन वर्ष 2012 में हुआ है। हाल ही इस प्रतिवेदन को विधानसभा के समक्ष पेश किया गया है।
अधिकृत जानकारी के अनुसार, सीधी भर्ती के कुल स्वीकृत पद दो लाख 78 हजार 762 है। इनमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल है। इनमें एक लाख 42 हजार 972 अनारक्षित पद है। संधारित अनुसूचित जाति के 43 हजार 332, अनुसूचित जन जाति के 59 हजार 63 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 34 हजार 8 पद है। वर्तमान में कार्यरत पदों की संख्या दो लाख पद 7 हजार 80 है। प्रतिवेदन के अनुसार, वर्ष 2012 यानी एक साल में 2 हजार 932 पदों पर भर्ती हुई है। वर्तमान में बैकलॉग की संख्या 20 हजार 958 है।
इसमें अनुसूचित जाति 4695, अनुसूचित जाति 13 हजार 319 और ओबीसी के 2 हजार 944 पद है। 9 हजार983 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इसमें अनुसूचित जाति के 2409, अनुसूचित जन जाति के 6063 और ओबीसी के 1518 पद है। इस प्रतिवेदन में 53 में से 47 विभागों की जानकारी दी गई है। सार्वजनिक उपक्रम, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, लोकसेवा प्रबंधन, जनशिकायत निवारण, जैव विविधता एवं जैव प्रौद्योगिकी और पुनर्वास विभाग ने अपने यहां की जानकारी ही मुहैया नहीं कराई है।