एई से परेशान एसई पुलिस की शरण में पहुंचे, शराबखोरी का आरोप

shailendra gupta
अनूपपुर। वर्षो तक शिकायतों और लापरवाही की जांच होने के पश्चात अनूपपुर लोक निर्माण विभाग के जिला कार्यालय में अब उथल-पुथल स्थिति उत्पन्न हो रही है। हालात यह बन गए हैं कि पीएचई के एसई को एई के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ रही है।

कार्यालय में पदस्थ कार्यपालन यंत्री बीके विश्वकर्मा ने उपयंत्री के.के.प्रजापति के विरूद्ध थाने में शिकायत की कि वह अक्सर शराब के नशे में कार्यालयीन कार्यो को बाधित करने के साथ ही सहकर्मियों से अभद्र व्यवहार करता है। वहीं शिकायत के दूसरे ही दिन उपयंत्री ने कार्यपालन यंत्री के विरूद्ध आदिमजाति कल्याण थाने में शिकायत करते हुये कार्यपालन यंत्री के विरूद्ध जान से मारने की शिकायत दर्ज करा दी।

ये है टंटे की जड़
एक दिसम्बर रविवार को लोक निर्माण विभाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री बी.के.विश्वकर्मा के द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर मे लिखित शिकायत की गई कि उपयंत्री के.के.प्रजापति शराब के नशें में गाली-गलौच करने के साथ ही शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करता है।

आये दिन शराब के नशें में कार्यालय पहुंच माहौल खराब कर रहा है। ज्ञात हो कि मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग रीवा द्वारा २७.११.१३ को भेजे गये पत्र में अनूपपुर-वेंकटनगर मार्ग में बी.टी.रेनुअल कार्य में अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री के नाम विविध अग्रिम डाल कर ठेकेदार को भुगतान करने की अनुमति दी है।

इस मार्ग में उपयंत्री ने सही ढंग से सड़क का कार्य न करवाने व ठेकेदार का अधिक पैसा लग जाने के कारण ठेकेदार द्वारा लगातार विभाग से राशि की मांग करता रहा इस पर मुख्य अभियंता रीवा के आदेश पर इनके नाम पर अग्रिम भुगतान मानकर ठेकेदार भुगतान की बात कही थी। इसके साथ ही उपयंत्री ने नगर की सड़कों का वर्षा ऋतु के बाद पैच रिपेयरिंग की कार्य में भी गति नहीं दिखाई।

जिसके चलते कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग अनूपपुर ने जबाब तलब किया किंतु इसका नतीजा कुछ नहीं निकला जिस पर कार्यपालन यंत्री ने इसकी जानकारी मुख्य अभियंता रीवा को दी जिस पर मुख्य अभियंता ने उपयंत्री के .के. प्रजापति को २८.११.१३ को कारण बताओं नोटिस जारी कर यह जानना चाहा कि सी.जे.एम. बगला एवं जिला सत्र न्यायालय भवन का मरम्मत कार्य के प्रथम एवं अंतिम देयक की माप आपके द्वारा माप पुस्तिका में अंकित की गई। तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा उक्त देयक संभागीय कार्यालय में लगभग दो माह बाद प्राप्त हुआ।

माप पुस्तिका एवं देयक में अंकित मात्रा की जांच कार्यपालन यंत्री अनूपपुर द्वारा किये जाने पर कार्यस्थल पर सही नहीं पाया गया। आप के माप पुस्तिका के अनुसार जांच में कई भिन्नता पाई गई है। जिसे मुख्य अभियंता ने वित्तीय अनियमितता एवं कदाचरण की श्रेणी को माना है। इसके साथ ही पैच मरम्मत की प्रगति निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध है जो आपकी कार्यशैली के प्रति उदासीनता दर्शाता है। आपके द्वारा समय से पैच रिपेयरिंग पूर्ण ना होने के कारण विभाग की छवि धूमिल हुई है। इन्हीं सब बातों को लेकर सात दिवस के अंदर कारण बाताओं नोटिस दी गई थी। इसी से नाराज होकर उपयंत्री ने कार्यपालन यंत्री पर उल्टे आरोप लगाते हुये आदिम जाति कल्याण थाने में प्रताडऩा व जातिगत गाली देने का आरोप लगाकर लिखित में शिकायत की।

सड़क पर आया विवाद
विभाग के आलाधिकारी और मातहत का ङागडा कार्यालय से होता हुआ पान-ठेलों के रास्ते थाने तक जा पहुंचा दोनों ने अपनी शिकायत में दुव्र्यवहार तथा शराब व दुव्र्यवहार की बात का उल्लेख किया है। जिस तरह से उपयंत्री द्वारा अपने अधिकारियों के ऊपर कीचड उछाल रहे है। एैसा लग रहा है कि अब निचले स्तर के अधिकारियों में अपने उच्च स्तर के अधिकारियों के प्रति सम्मान रह गया है। कोई भी अधिकारी अगर अपने अधिनस्थ से जानकारी चाहता है तो वह उसमें फंसता है तो वह अधिकारी के विरूद्ध थाने तक जाकर कुछ भी लिखा सकता है। वैसे अगर अनूपपुर लोक निर्माण विभाग के  दो तीन वर्षो के कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाये तो इसमें कई अधिकारी और उपयंत्री इस जांच के दायरे में आयेंगे। अगर कोई अधिकारी इनकी जांच करने की कोशिश करता है तो इसी तरह की बेजती झेलनी पड़ सकती है।

इनका कहना है
शिकायत प्राप्त हो गई है और उसकी जांच कराई जा रही है।
अशोक गौतम
प्रभारी, कोतवाली थाना अनूपपुर

मैं अभी बाहर हॅू पूरे मामले की जानकारी लेता हॅू।
डी.पी.अहिरवार
कमिश्रर, शहडोल संभाग


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