सजा माफ नहीं करा सकती बलात्कार पीड़िता से शादी

shailendra gupta
मुंबई/जबलपुर। मध्‍यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर नाबालि‍ग का बलात्‍कारी उससे शादी भी कर लेता है, इसके बावजूद उसका अपराध कम नहीं हो जाता। हाईकोर्ट ने बलात्‍कार के ऐसे ही एक मामले को वापस लेने की अर्जी की सुनवाई करते हुए ऐसा कहा।

इस मामले में बलात्‍कारी ने नाबालि‍ग पीड़ि‍ता से शादी कर ली थी और उसके बाद उन लोगों ने मामले को वापस लेने के लि‍ए अर्जी डाली थी। हाईकोर्ट ने राम और रीना के मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला दि‍या।

रीना ने अपने साथ हुए बलात्‍कार का मामला शहर कोतवाली में दर्ज कराया था। यह मामला अभी लोअर कोर्ट में पेंडिंग था कि इसी बीच राम ने रीना से शादी कर ली। इसके बाद दोनों पक्षों में अदालत के बाहर समझौता हो गया और अदालत में मामले को रद करने की अर्जी लगाई गई।

इससे पहले बॉम्‍बे उच्‍च न्‍यायलय ने अपने एक अहम फैसले में कहा कि प्रेम संबंध टूटने के कारण कोई महिला अपने उस पूर्व प्रेमी पर बलात्‍कार का आरोप नहीं लगा सकती, जिसके साथ उसने सेक्‍स किया हो और जो उसके बच्‍चे की मां बनने वाली हो। उच्‍च न्‍यायालय की न्‍यायाधीश जस्टिस साधना जाधव ने बोरीवोली के रहने वाले 39 वर्षीय कोटियान को ऐसे ही एक मामले में बरी कर दिया।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!