भोपाल। भारी बारिश और बाढ़ की तबाही झेल रहे उत्तराखण्ड में अपने माता-पिता को ढूंढऩे गई एक युवती स्नेहलता को बीमारी की हालत में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक चार्टर्ड विमान से अन्य प्रभावितों के साथ भोपाल लेकर आए और उसे यहां जयप्रकाश अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करा दिया, लेकिन जब इस त्रासदी से बचे उसके पिता उससे मिलने गए, तो उसने उन्हें पहचानने से इंकार कर सबको चौंका दिया।
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि जीपी अस्पताल में भर्ती स्नेहलता उर्फ नेहा शर्मा (22) के मामले में कल उस समय नाटकीय मोड़ आ गया, जब केदारनाथ त्रासदी में अपने माता-पिता की मौत का दावा करने वाली इस युवती के पिता महावीर प्रसाद शर्मा उससे मिलने पहुंचे, तो उसने उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया।
वहीं, महावीर प्रसाद के साथ आई स्नेहलता की छोटी बहन आयुषी ने भी अस्पताल पहुंचकर महावीर प्रसाद को पिता मानने से इंकार कर दिया। हालांकि शाम होते-होते अस्पताल प्रबंधन के समझाने पर आयुषी ने महावीर को अपना पिता मान लिया और स्नेहलता ने भी इस मामले में अपनी सहमति दे दी।
महावीर प्रसाद के साथ आई स्नेहलता की छोटी बहन आयुषी ने भी कुछ घंटों के बाद उसे पिता मानने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि वह उन्हें पिता जैसा मानती है, इसलिए उनके साथ आई है। हालांकि शाम को डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों के समझाने के बाद महावीर प्रसाद को अपना पिता बताया। उसने सुबह इस बात से इंकार क्यों किया, इस बारे में आयुषी ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में स्नेहलता ने भी महावीर को अपना पिता स्वीकार कर लिया।
इस पूरे मामले के बाद महावीर प्रसाद ने कहा, ‘‘भगवान ऐसी औलाद किसी को नहीं दे। मुझे ऐसी बेटी नहीं चाहिए जो मुझे पिता ही नहीं माने। यदि मैं उसका पिता नहीं होता तो उसे देखने क्यों आता।