राजधानी के जिला अस्पताल में खून के अभाव में मासूम की मौत

shailendra gupta
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने राजधानी भोपाल के जेपी अस्पताल में खून न मिलने से एक बच्चें की मौत की घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह वहीं अस्पताल है जहां अत्याधुनिक सुविधाओं का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया था और कहा था कि प्रदेश के सभी अस्पताल जेपी अस्पताल जैसे होना चाहिए।

इस अस्पताल में ही एक हफ्ते के अंदर मासूम की मौत भाजपा सरकार के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है।

नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि जे.पी. अस्पताल मंत्रियों, आई.ए.एस. अफसरों और मंत्रालय की परिधि में आता है। इतने वी.आई.पी. से घिरे अस्पताल में एक मासूम की खून न मिलने से मौत शिवराज सरकार के लिए शर्मनाक है। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्घाटन, शिलान्यास करके अपने सामने दिख रही चैकाचैंध से यह समझ रहे है कि मध्यप्रदेश में विकास पूरा हो गया है।

झूठी विकास दर बताकर वे वाहवाही लूट रहे है, लेकिन राजधानी में ही वे अस्पतालों में पूरी स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं करा पा रहे है। यह सब तब है जब केन्द्र सरकार पिछले दस साल के दस हजार करोड़ से अधिक पैसा प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दे चुकी है।

नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने कहा कि सरकार में नैतिकता नाम की कोई चीज नहीं है। उसे इस तरह की घटनाओं से विचलन भी पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की यह मासूम रोशनी सरकार की लापरवाही से बुझ गई है इसकी कीमत शिवराज सरकार को चुकानी होगी।


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