सीहोर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सीहोर में जंगल माफिया के गुर्गों ने आज वनविभाग की सर्चिंग पार्टी पर हमला बोल दिया। उन्हें अवैध सागौन को जप्त करने से रोका यहां तक कि अपने हेडक्वाटर पर बात तक नहीं करने दी। किसी तरह मुक्त होकर आई पार्टी ने बाद में एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार रविवार की दोपहर में करीब बारह बजे वन विभाग इछावर में पदस्थ वन रक्षक जयप्रकाश वारेला और अशोक गौड़ ग्राम दुल्हावाला में अवैध रुप से संग्रहित करके रखी गई सागौन को जब्त करने के लिए गए थे।
बताया जाता है कि वनविभाग के अमले को परिजनों द्वारा रोका गया पर वे नहीं माने कार्रवाई जारी रखने पर परिजनों द्वारा इन पर हमला कर दिया गया। पुलिस के अनुसार वन रक्षक जयप्रकाश वारेला और ओमप्रकाश गौड़ के साथ मारपीट की गई, इस मारपीट की सूचना जब दौलतपुर में दी गई तो डिप्टी रेंजर चंदर भिलाला भी वहां पर पहुंचे जिनके साथ भी आरोपियों द्वारा अभद्रता की गई।
बताया जाता है कि डिप्टी रेंजर द्वारा जब मोबाइल से जानकारी दी जा रही थी तभी उनका मोबाइल भी छीन लिया गया। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक रिपोर्ट लिखाए जाने की कार्रवाई जारी थी। पुलिस का कहना है आरोपियों के खिलाफ प्रकरण कायम किए जा रहे है।
वनविभाग के एसडीओ श्री भदौरिया ने जयप्रकाश वारेला, ओमप्रकाश गौड़ के साथ मारपीट और डिप्टी रेंजर चंदर भिलाला के साथ अभद्रता की बात स्वीकार करते हुए बताया कि अमले द्वारा अवैध सागौन को भी बरामद किया गया है।