पढ़िए मजदूर महांपचायत में सीएम का वो अधिकृत भाषण जो शासन ने जारी किया

shailendra gupta
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में मजदूरों को मकान उपलब्ध करवाने का काम मिशन के रूप में किया जायेगा। इसके लिये मुख्यमंत्री श्रमिक आवास संगठन गठित किया जायेगा।

पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिये मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन योजना लागू की जायेगी। इसके लिये एक पेंशन फंड गठित किया जायेगा। अब प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी को महँगाई से जोड़ा जायेगा, महँगाई बढ़ने पर न्यूनतम मजदूरी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ जम्बूरी मैदान में आयोजित मजदूर महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस महापंचायत में श्रमिक कल्याण की अनेक योजनाओं की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्रम निर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम के तहत 46 और श्रमिक वर्गों को शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिये प्रथम चरण में नगरीय क्षेत्रों में 10 हजार आवास बनाये जायेंगे। तीन लाख रुपये लागत के इन आवास में भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा 70 हजार रुपये का अनुदान दिया जायेगा, हितग्राही का अंशदान भी लिया जाएगा  तथा शेष राशि बैंकों से ऋण के रूप में उपलब्ध करवायी जायेगी।

इस योजना का विस्तार बाद में प्रदेश के छोटे शहरों में भी किया जायेगा। अस्थाई रूप से काम के लिये शहरों में आने वाले श्रमिकों के लिये आश्रय गृह बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन योजना में श्रमिक द्वारा 500 रुपये प्रतिवर्ष जमा करवाने पर 500 रुपये का अंशदान पांच वर्ष तक श्रमिक कल्याण मंडल द्वारा दिया जायेगा। वे श्रमिक जो पाँच वर्ष से अधिक समय तक पंजीकृत हों तथा किसी कारण से सामान्य कार्य करने में असमर्थ हो जायें तो उन्हें 300 रुपये प्रतिमाह की पेंशन दी जायेगी।

मजदूरों के बच्चों के लिये बनेगी उत्कृष्ट एजुकेशन सिटी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भोपाल में 36 एकड़ क्षेत्र में सौ करोड़ रुपये की लागत से पंजीकृत मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिये एक अत्याधुनिक उत्कृष्ट एजुकेशन सिटी स्थापित की जायेगी। इसमें उत्कृष्ट स्तर के विद्यालय, राष्ट्रीय स्तर के कोचिंग इंस्टीट्यूट, प्रशिक्षण संस्थान, आडिटोरियम और श्रमिक परिवारों के विद्यार्थियों के लिये आवासीय सुविधा होगी।

श्रमिकों के बच्चों के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पर 10 हजार रुपये और इंजीनियरिंग कालेज में प्रवेश पर 7 हजार रुपये का अध्ययन अनुदान दिया जायेगा। इसके अलावा प्रतिभाशाली श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिये सुपर 500 योजना में कक्षा दसवीं में मेरिट के आधार पर चयनित 500 बच्चों को 25 हजार रुपये तथा कक्षा बारहवीं में मेरिट के आधार पर चयनित 500 बच्चों को 25 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी। निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिये शिक्षा ऋण योजना बनायी जायेगी। योजना में ब्याज सबसिडी भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा दी जायेगी।

राज्य लोक सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में चयन होने पर पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। यह राशि संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 25 हजार रुपये तथा राज्य सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 15 हजार रुपये होगी। साथ ही संघ लोक सेवा आयोग की मुुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपये तथा राज्य लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 25 हजार रुपये दिये जायेंगे। पं. दीनदयाल उपाध्याय पीठा श्रमिक शेड योजना में पीठा श्रमिकों के बैठने के श्रमिक शेड के लिये नगरीय निकायों को अनुदान उपलब्ध करवाया जायेगा। असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम को पूरे प्रदेश में लागू किया जायेगा।

हर संभाग में श्रमिकों के लिये बनेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की प्रसूति सहायता योजना का लाभ तीसरे बच्चे की प्रसूति पर भी दिया जायेगा। मजदूरों के बच्चों के कौशल उन्नयन के लिये हर संभाग में एक स्किल डेव्हलपमेंट सेंटर बनाया जायेगा।

प्रदेश के बाहर मृत्यु पर भी सहायता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा यदि प्रदेश के मजदूर प्रदेश के बाहर जाते हैं और वहाँ उनकी मृत्यु हो जाती है तो उन्हें मध्यप्रदेश की तरह ही आर्थिक सहायता दी जायेगी। अब श्रमिकों को पंजीयन कार्ड का नवीनीकरण नहीं करवाना होगा, एक ही कार्ड पूरे जीवनभर काम आयेगा।श्रमिक सहायता योजना के तहत अंत्येष्टि के लिये दी जाने वाली सहायता राशि 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये की जायेगी। ऐसी नीति बनायी जायेगी, जिसके तहत शहर में आने वाले मजदूरों के आवास की अस्थाई व्यवस्था ठेकेदार को करना होगी तथा कोई मजदूर स्थाई रूप से रहता है तो उसे मकान बनाकर देने की योजना बनायी जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को जून माह से एक रुपये किलो गेहूँ और दो रुपये किलो चावल उपलब्ध करवाया जायेगा। जो गरीब वर्षों से झोपड़ी बनाकर रह रहा है उसे उस जमीन का पट्टा दिया जायेगा। सार्वजनिक प्रयोजन के लिये जमीन की जरूरत होगी तो ऐसे गरीबों को वैकल्पिक जमीन देकर ही हटाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के श्रम से ही संसार प्रगति कर रहा है। देश के संसाधनों पर सबका हक है। मध्यप्रदेश आज विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है पर विकास का लाभ गरीबों तक पहुँचने पर ही विकास सार्थक है।

कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों के कल्याण के लिये ऐतिहासिक काम किया गया है। श्रमिकों के कल्याण के लिये कई योजनाएँ बनायी गई हैं। श्रमिक अपने हितों के संरक्षण के लिये संगठित हों।

कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया ने कहा कि देश के विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश को ऐतिहासिक कृषि विकास दर के लिये मिले कृषि कर्मण अवार्ड का श्रेय कृषि श्रमिकों को भी है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि श्रम कानूनों का सरलीकरण होना चाहिये। कृषि मजदूरों का पंजीयन कर परिचय-पत्र देने की व्यवस्था की जाये।

सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र में कमजोर वर्गों के प्रति सरकार की ज्यादा जिम्मेदारी होती है। प्रदेश में पंचायतों के जरिये अलग-अलग वर्गों के हित में लिये गये निर्णयों के क्रियान्वयन के बेहतर परिणाम मिले हैं। श्रमिकों के कल्याण की योजनाओं से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

आरंभ में स्वागत भाषण देते हुए श्रम मंत्री श्री जगन्नाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश में 24 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है। इसमें से 16 लाख से अधिक श्रमिकों को करीब 271 करोड़ रुपये का लाभ विभिन्न योजनाओं में दिया गया है। प्रदेश में श्रमिकों का पंजीयन देश में सबसे अधिक है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बिल्डिंग वर्कर्स एजुकेशन सिटी के मॉडल का अनावरण किया। कार्यक्रम में श्रमिकों के प्रतिनिधियों के रूप में मंडला जिले के श्री कारेलाल बैगा, झाबुआ जिले के श्री नागू, सागर जिले के श्री मुकेश, धार जिले के श्री रामप्रसाद, भोपाल जिले की श्रीमती रामप्यारी वर्मा, जबलपुर जिले के श्री विकास विश्वकर्मा और रायसेन जिले के श्री छिद्दीलाल ने सुझाव दिये। कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप छह हितग्राहियों को श्रमिक कल्याण की योजनाओं की सहायता राशि वितरित की गई। कार्यक्रम में श्रमिक कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री भगवानदास गोंडाने, श्रम निर्माण मंडल के सदस्य श्री सुल्तान सिंह शेखावत, श्री हिम्मत जैन सहित जनप्रतिनिधि और प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आये श्रमिक उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री चौहान की प्रमुख घोषणाएँ (मजदूर महापंचायत)


  • मजदूरों को मकान उपलब्ध करवाने का काम मिशन के रूप में। इसके लिये मुख्यमंत्री श्रमिक आवास संगठन गठित होगा।
  • पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिये मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन योजना।
  • महँगाई बढ़ने पर न्यूनतम मजदूरी बढ़ेगी।
  • श्रम निर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम में 46 और श्रमिक वर्ग शामिल होंगे।
  • नगरीय क्षेत्रों में मजदूरों के लिए प्रथम चरण में 10 हजार आवास।
  • मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन योजना लागू होगी।
  • भोपाल में 36 एकड़ क्षेत्र में 100 करोड़ की लागत से पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा के लिये अत्याधुनिक एजुकेशन सिटी बनेगी।
  • श्रमिकों के बच्चों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पर 10 हजार और इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश पर 7 हजार रुपये का अध्ययन अनुदान।
  • श्रमिकों के प्रतिभाशाली बच्चों के दसवीं में मेरिट के आधार पर चयनित 500 बच्चों को 25 हजार तथा बारहवीं में मेरिट आधार पर चयनित 500 बच्चों को 25 हजार रुपये की सहायता।
  • निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिये शिक्षा ऋण योजना।
  • पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 25 हजार तथा राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि।
  • संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपये तथा राज्य लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि।
  • तीसरे बच्चे के जन्म पर भी प्रसूति सहायता का लाभ।
  • मजदूरों के बच्चों के कौशल उन्नयन के लिये हर संभाग में कौशल विकास केन्द्र।
  • प्रदेश के मजदूर की प्रदेश के बाहर मृत्यु होने पर भी मध्यप्रदेश की तरह आर्थिक सहायता।
  • श्रमिकों को पंजीयन कार्ड का नवीनीकरण नहीं करवाना होगा। एक ही कार्ड जीवनभर चलेगा।
  • अत्येष्टि सहायता 2000 से बढ़ाकर 3000।
  • गाँव और शहरों में लम्बे समय से झुग्गी/आवास बनाकर रह रहे लोगों को पट्टे दिये जायँगे।



मजदूर महापंचायत (झलकियाँ)


महापंचायत में भाग लेने को लेकर मजदूरों में अभूतपूर्व उत्साह देखते ही बनता था।

मजदूर महापंचायत स्थल भेल के जम्बूरी मैदान पर सभी 50 जिलों से बसों में सवार होकर मजदूर प्रतिनिधियों का कल से ही पहुँचना शुरू हो गया था।

अपनी रंग-बिरंगी पारम्परिक वेशभूषा में इन्द्रधनुषी छटा बिखेरते प्रदेश के कोने-कोने से आये मजदूरों ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के सभा-स्थल पर पहुँचने पर ढोल-ढमाकों के साथ नाच-गाकर उनकी अगवानी की। उत्साह से लबरेज मजदूरों ने मुख्यमंत्री को मंच तक ‘एस्कार्ट’ भी किया।

प्रारम्भ में मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुछ मजदूरों को मंच पर अपनी बात कहने के लिए आमंत्रित किया गया।

बिछिया तहसील (मण्डला) के गारेलाल बैगा, झाबुआ के नागू, धार के रामप्रसाद और ईंट भट्टे में काम करने वाले सागर के मुकेश ने मुख्यमंत्री श्री चौहान की श्रमिक कल्याण योजनाओं से मिल रहे लाभ के लिए मुक्त-कण्ठ से उनकी सराहना की।

भोपाल के अवधपुरी क्षेत्र की महिला मिस्त्री श्रीमती रामप्यारी बाई ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात बेबाकी से रखी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा श्रम मंत्री श्री जगन्नाथ सिंह कार्यक्रम के दौरान मंच से उतरकर मजदूरों के बीच भी पहुँचे। दोनों ने काफी देर तक मजदूरों के मध्य रहकर धैयपूर्वक उनकी बातें सुनीं।

अपने हित में की गई मुख्यमंत्री की प्रत्येक घोषणा का मजदूरों ने पूरे जोश के साथ ताली बजाकर स्वागत किया।

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