संविदा अधीक्षक: पुराने वालों को 3500 और नई भर्तियां 9000 पर

shailendra gupta
भोपाल। मध्यप्रदेश में जो कुछ हो जाए कम है। एक ही विभाग, एक ही पद, एक ही काम परंतु पुराने वालों को वेतन 3500 और नई भर्तियों में 9000 आफर। यह गजब किया है मध्यप्रदेश के आदिम जाति कल्याण विभाग ने। संविदा अधीक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में उनका वेतन 9000 बताया गया है। जबकि पुराने अधीक्षकों को 3500 ही दिया जा रहा है।

म0प्र0 आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रो में वर्ष 2008 से कुल 756 संविदा छात्रावास अधिक्षक सीधी भर्ती अंतर्गत विभागीय परीक्षा एवं साक्षात्कार के आधार पर आधार पर म0प्र0 शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक ए-24-5-2008-1-25 भोपाल दिनांक 14.05.2006 (म.प्रत्र राजपत्र असाधारण)(क्रमांक 235 प्रकाशीत 14 मई 2008) के आधार पर छात्रावास/आश्रम अधीक्षकों की नियुक्ति 3500/-रूपये प्रतिमाह वेतन पर की गई।

अब इसी पद (संविदा अधीक्षको की) मध्यप्रदेश शासन आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक/एफ3-9/2012/2/25 भोपाल दिनांक 13 सितंम्बर 2012 के द्वारा संविदा अधीक्षको के स्वीकृत नवीन 05 पदो पर नवीन वेतनमान 9000 रूपये प्रतिमाह के आधार नियुक्ति की जा रही है। इस तरह एक ही विभाग एक ही पद पर पहले 3500 प्रतिमाह वेतन और अब उसी पद पर भर्ती किये जा रहे संविदा अधीक्षको को 9000 प्रतिमाह का प्रावधान रखा है।

ये है वो आदेश जिसने मचा दिया हल्ला

इस संबंध में अध्यापक मोर्चे के श्री मनोज मराठे ने प्रदेश आयुक्त आदिवासी  विकास विभाग से मांग की है कि पूर्व में भर्ती किये गये संविदा अधीक्षकों को अब वेतन प्रतिमाह 3500रूपये के स्थान पर नये अधीक्षकों के समान 9000रूपये प्रतिमाह दिया जाना न्यायसंगत है। इस हेतु श्री मराठे ने नये और पुराने आदेशो की छायाप्रति के साथ माननीय मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर अधीक्षको का वेतन बढाकर समान 9000रूपये प्रतिमाह करने की मांग की हैं।

मनोज मराठे
9826699484



#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!