'डंडा बैंक' से परेशान बाबू फांसी पर झूला

shailendra gupta
रायसेन। मध्यप्रदेश में डंडा बैंकों की गुण्डागर्दी लगातार जारी है। अवैध रूप से लोगों को लोन देने एवं ज्यादा ब्याज वसूली करने वालों से परेशान सरकारी कॉलेज के एक बाबू ने आज फांसी लगाकार जान दे दी। उसकी लाश एक पेड़ पर झूलती हुई मिली।

मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस को घटनास्थल पर बाईक, फोटो एवं मृतक की जेब सेसुसाइट नोट मिला। मृतक ने सुसाईट नोट में जिक्र किया है कि टेकापार निवासी मजबूत पुत्र प्रदीप ठाकुर एवं चाचा श्रीराम ठाकुर द्वारा पैसे के लिए तकादा किया जा रहा था और पैसा ना देने की दशा में ब्लेंकचैंक बाउंस कराकर नौकरी से सस्पेंड करवा दिया जाएगा। थाना प्रभारी एस.एस. पटेल ने सुसाइट नोट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


नगर में जारी ब्याजखोरी


नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को साहूकारों ने जकड़ रखा है उने ऊंची ब्याज दर पर कर्जा दिया जाता है और किसी कारण अगर ब्याज भरने में देरी हुई तो साहूकारों द्वारा चक्रवर्ती ब्याज लगाकर लोगों को कर्ज तले दबा दिया जाता है फिर उनसे मन मुताबिग ब्याज की वसूली साहूकारों द्वारा की जाती है। ब्याजखोरी के चलते नगर के दर्जनों लोगों ने  साहूकारों के चंगुल से मुक्त होने के लिए नगर छोड़ दिया जिनका आज भी कोई पता ठिकाना नहीं है। पिछले ही दिनों एक चाट का ठेला लगाने वाले  अदिवासी युवक ने इन साहूकारों की प्रताडऩा से तंग आकर जंगल में आत्महत्या कर ली थी। जिसकी शिकायत परिजनों ने कलेक्टर से की थी।

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