हिंदू नेता नवल शर्मा भूमिगत, शंकराचार्य को नहीं मिलने दिया गया

shailendra gupta
भोपाल। धार भोजशाला के विवाद में गुरुवार को एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत शंकराचार्य नरेंद्रनाथ सरस्वती 15 फरवरी को पूरे दिन पूजा करने पर अड़ गए, वहीं सरस्वती पूजा आयोजन समिति के संयोजक नवलकिशोर शर्मा को प्रशासन ने इंदौर के एमवाय अस्पताल से भूमिगत कर दिया।

शंकराचार्य नरेंद्रनाथ सरस्वती, नवलकिशोर शर्मा से मिलना चाहते थे, मगर प्रशासन ने उसके पहले ही उन्हें एमवाय अस्पताल से भूमिगत कर लिया। एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने नवलकिशोर शर्मा को डिस्चार्ज करने की पुष्टि की है। उन्हें इंदौर में ही किसी अज्ञात स्थान पर रखे जाने की संभावना है। उधर, धार स्थित भोजशाला में बसंतपंचमी पर मां सरस्वती की पूजा पर श्रद्धालुओं का खासा असर पड़ा है। सुबह बहुत ही कम श्रद्धालु पूजन के लिए भोजशाला पहुंचे। दोपहर में जरूर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी किंतु अपेक्षा या पिछली बार से वह बहुत कम थी।

शंकराचार्य नरेंद्रनाथ सरस्वती ने पुरातत्व विभाग के आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि 15 फरवरी को पूरे दिन मां सरस्वती की पूजा करने दी जाए और शासन नवलकिशोर शर्मा को तुरंत रिहा किया जाए। शंकराचार्य, गुरुवार को दोपहर बाद 3 बजे इंदौर से धार के लिए रवाना होंगे। राज्य के संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा अभी भी इलाहाबाद में ही हैं और दोनों पक्षों से चर्चा कर विवाद का हल निकालने में जुटे हैं।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!